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बिना जांच मंडी में बिक रही सरसों

www.patrika.com/rajasthan-news/ -किसान को नहीं मिल रहे उचित दाम,20 दिन से खराब पड़ी है 13लाख की जांच मशीन

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बिना जांच मंडी में बिक रही सरसों

हिण्डौनसिटी. कैलाशनगर स्थित ‘ए’ श्रेणी की कृषि उपज मंडी में किसानों की सरसों बिना जांच परख के बिक रही है। तेल की मात्रा व गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला में स्थापित ऑयल टेस्टिंग मशीन के 20 दिन से खराब होने के कारण खुली नीलामी में सरसों का मोल-भाव किया जा रहा है। जिससे गुणवत्ता युक्त सरसों होने के उपरांत भी किसानों को औसत कंडीशंड की सरसों के बराबर ही दाम मिल पा रहे हैं। ऐसे में ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) योजना के तहत मंडियों में वेब बाजार विकसित करने की केन्द्र सरकार की मंशा साकार नहीं हो पा रही है।


जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में कृषि उपज मंडी में ई-नाम योजना की शुरुआत कर दी गई थी। इसके अन्तर्गत मंडी में 30 लाख रुपए की लागत से प्रयोगशाला स्थापित की गई। जिसमें सरसों में तेल की मात्रा की जांच के लिए 12.65 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई ऑयल टेस्टिंग मशीन लगाई गई। जिसमें जरिए किसानों की सरसों की जांच के बाद खरीद की जा रही थी। इससे किसानों को तो मुनाफा हो ही रहा था, इसके विपरीत व्यापारियों को भी बोली के झंझट व गुणवत्ता की परख की जद्दोजहद से निजात मिल गई थी। लेकिन बीते 20 दिन से ऑयल टेस्टिंग मशीन खराब पड़ी है। जिससे खुली नीलामी में किसानों को औने-पौने दामों पर अपनी खुशहाली (सरसों) बेचनी पड़ रही है। आय के मामले में प्रदेश की चुनिंदा मंडियों में शुमार जिले की इकलौती मंडी में इन दिनो करौली समेत भरतपुर के बयाना, भुसावर व दौसा के महवा, गाजीपुर, खेडला, सलेमपुर क्षेत्र से प्रतिदिन सैंकड़ों किसान हजारों क्विंटल सरसों के बेचान के लिए आ रहें है।


मशीन के बजाए हथेली पर हो रही परख-

जानकारी के अनुसार मशीन खराब होने के चलते किसान अपनी सरसों को परिचित व्यापारी की फर्म पर ले जाकर ढेरी लगा देते हंै। मंडी द्वारा नीलामी बोली शुरू करने पर व्यापारियों द्वारा ढेरियों में हाथ डाल हथेलियोंं पर सरसों के दाने की परख कर दाम तय किए जा रहें हैं। नीलामी में व्यापारियों द्वारा सरसों में तेल की मात्रा के बजाए दाने के आकार व रंग को देखा जा रहा है। ऐसे में किसान अपनी गुणवत्ता युक्त सरसों को बिना मानकों के तय हुए दाम पर बेचने पर मजबूर हैं।
विदेश से पाटर््स आएगा तब होगी मरम्मत-
मंडी सूत्रों के अनुसार ऑयल टेस्टिंग मशीन को मरम्मत के लिए उत्तरप्रदेश के नोएडा भेजा गया है। जहां बदले जाना वाला पार्टस उपलब्ध नहीं है। कम्पनी ने पार्ट्स के लिए स्वीडऩ की एक कम्पनी को डिमांड भेजी गई है। जहां से पार्ट्स आने के बाद मशीन की मरम्मत हो सकेगी। फिलहाल सरसों की खरीद खुली नीलामी के आधार पर की जा रही है।


पांच वर्ष में सरसों की आवक
वर्ष आवक (क्विं. में)
2014 385353
2015 317021
2016 97184
2017 190208
2018 70125