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राजस्थान के इस बांध में आएगा चम्बल का पानी वर्ष भर रहेगा लबालब

  www.patrika.com/rajasthan-news पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के पहले फेज में किया जगर बांध शामिल

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राजस्थान के इस बांध में आएगा चम्बल का पानी वर्ष भर रहेगा लबालब

हिण्डौनसिटी. चम्बल का पानी लाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हिण्डौन क्षेत्र के किसानों के अच्छी खबर है। चम्बल का पानी क्षेत्र के विभिन्न गावों को कृषि भूमि को संतृप्त करने के साथ ही जगर बांध को भी लबालब करेगा। इससे वर्षों से सूखी पड़ी नहरें भी लहर मारने लगेंगी। खुशहाली का यह सपना पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के जरिए पूरा होगा। हाल ही में सरकार ने पांचना बांध के बाद अब जगर बांध को भी परियोजना के प्रथम चरण में शामिल कर लिया है।
जलसंसाधन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोटा बैराज से लेकर धौलपुर तक 210 किलोमीटर दूरी में व्यर्थ बहकर जा रहे चम्बल नदी के पानी को करौली जिले के पांचना एवं जगर बांध में लाने की मांग काफी अरसे से किसानों द्वारा की जा रही थी। सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों को सिंचाई एवं पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई 37 हजार करोड़ की ईस्टर्न राजस्थान कैनाल परियोजना के प्रथम फेज में पांचना बांध को तो पहले ही शामिल कर लिया था। लेकिन जगर बांध इससे वंचित रह गया था। जगर बांध को योजना में शामिल करने को लेकर क्षेत्र के किसान लगातार मांग कर रहे थे। बीते सितम्बर माह में जल संसाधन विभाग ने जगर बांध को योजना में शामिल कर क्षेत्र के किसानों को अनूठी सौगात भेंट की है। इससे से क्षेत्र की 26 हजार 509 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

जाट समाज चौरासी ने की थी पुरजोर पैरवी
जाट समाज चौरासी के प्रवक्ता चन्द्रकेतु बेनीवाल ने बताया कि जगर बांध सहित जलसेन, जाट का तालाब एवं क्यारदा बांध को ईआरसीपी के प्रथम फेज में शामिल करने की मांग को लेकर समाज ने पुरजोर पैरवी की। समाज के एक प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष रमेशचंद्र डागुर के नेतृत्व में जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप जाट एवं राज्य सभा सदस्य डॉ. किरोड़ीलाल मीणा से मिलकर क्षेत्र के लोगों की मांग को मंजूर करने की मांग की थी।

इनका कहना है
ईआरसीपी में जगर बांध को शामिल कर लिया है। जल्द ही केन्द्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद प्रथम चरण का कार्य शुरु करने के प्रयास किए जाएंगे।
- रवि सोलंकी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग जयपुर।