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करौली में सिसकती जिंदगी का मुआवजा फाइलों में बंद

अधिकारियों की उदासीनता सीलीकोसिस पीडि़तों पर भारी

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करौली

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Vinod Sharma

Jun 25, 2018

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करौली में सिसकती जिंदगी का मुआवजा फाइलों में बंद


करौली. सिलीकोसिस जैसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित मजदूर मुआवजे के अभाव में घुट-घुटकर जीने को मजबूर हैं, वहीं उनके मुआवजे के लिए जिला खनिज विकास प्राधिकरण के मद से आवंटित बजट दो साल से फाइलों में दबा पड़ा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सिलीकोसिस पीडि़तों को मुआवजा तक जारी नहीं कर रहे हैं। इस कारण अधिकारियों की उदासीनता पीडितों पर भारी है। जिले में खनन क्षेत्र से रॉयल्टी के नाम पर १० प्रतिशत के हिसाब से राशि वसूल कर जिला खनिज विकास प्राधिकरण के खाते में जमा कराई जाती है। यह राशि सिलीकोसिस पीडि़त मजदूरों को राहत तथा उन्हें सुविधा देने पर व्यय की जाती है। ३१ मई २०१६ से खाते में 2 करोड़ ३९ लाख रुपए जमा हो गए हैं। लेकिन अभी तक अधिकारी इस राशि का ट्रान्सफर पीडि़त मजदूरों के खाते में नहीं कर पाए हैं।
सरकार के आदेश, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता
एक साल पहले जिला प्रमुख की अध्यक्षता में गठित जिला खनिज विकास प्राधिकरण की बैठक में इस राशि के उपयोग के बारे में फैसला होता था। अधिकारी समय पर बैठक नहीं करा पाए, जिससे बजट जारी नहीं किया गया। लेकिन अब छह माह पहले सरकार ने खनिज विभाग से जिला प्रशासन के माध्यम से राशि सीलिकोसिस पीडि़तों को उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए। लेकिन जिला प्रशासन व खनिज विभाग के अधिकारी इस मामले में उदासीनता बरत रहे हैं। इस कारण राशि सीलिकोसिस पीडि़त को नहीं मिल रही है।
६०० मरीजों को इंतजार है
जिले में सिलीकोसिस पीडि़त से ६०० लोगों को तत्काल मुआवजे की जरूरत है। जिनमें से ४९५ पीडि़तों के प्रमाण पत्रों की जांच भी हो चुकी है। ये प्रमाण पत्र अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय के सहायत प्रकोष्ठ में जमा हैं। लेकिन अभी तक भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सूत्रों ने बताया कि मरीजों को एक साल से भुगतान नहीं हुआ है। जिससे वे रोजाना कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मरीजों को संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार सीलीकोसिस पीडि़त को एक लाख तथा मृतक के आश्रितों को तीन लाख रुपए का मुआवजा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

अब जल्द जारी करेंगे
किन्हीं कारणों से बैठक नहीं हो पाई, लेकिन अब सीलिकोसिस पीडि़तों की राशि जिला प्रशासन के माध्यम से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
सहदेव साहरण खनि अभियंता करौली