
राजस्थान के इस जिले में नया सवेरा के दावों की पोल खोलते मरीज,मादक पदार्थों से पीडि़त रोजाना अस्पताल पहुंच रहे
करौली. बाहबाही बटोरने के लिए आबकारी विभाग ने करौली जिले को मादक पदार्थ बिहिन जिला घोषित किया हुआ है। लेकिन विभाग के इन दावों की पोल राजकीय अस्पताल में आने वाले मरीज ही खोल रहे है। जो मादक पदार्थों के उपयोग से पैदा हुई बीमारियों का छुटकारा पाना चाहते है। इसके अस्पताल प्रबंधन के साथ ही पुलिस भी सकते है। पुलिस ने स्मैक सहित अन्य मादक पदार्थों पर रोकथाम के लिए एक्शन प्लान भी तैयार किया है।आबकारी विभाग ने वर्ष २०१५ में नया सवेरा योजना के गांजा, भांग, चरस, स्मैक सहित अन्य मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों के लिए करौली के राजकीय अस्पताल में शिविर में लगाया, जिसमें पीडि़तों का इलाज किया गया। इसके बाद मार्च 2०१५ में आबकारी विभाग ने करौली जिले में २५ जनों को मादक पदार्थों का सेवन करने वाला माना था। इनके अलावा जिले को मादक पदार्थ बिहिन जिला घोषित कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज जी गई। राज्य सरकार ने जिले को मादक पदार्थ बिहिन जिला मान लिया। लेकिन हकीकत में सच्चाई इसके उलट है।
रोजना १२ से 1५ मरीज अस्पताल पहुंच रहे
आबकारी विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में मात्र २५ लोग ही गांजा, भांग का नशा करते है, इनके लिए विभाग ने लाइसेंस भी जारी किया हुआ है। लेकिन करौली के राजकीय अस्पताल की मनोचिकित्सा इकाई में लगभग 15 मरीज रोजाना गांज, भांग, चरस का सेवन करने वाले लोग आते है, जो इनसे उत्पन्न बीमारियों का इलाज या इनसे छुटकारा पाना चाहते है। इस कारण आबकारी विभाग की नया सवेरा योजना की पोल भी खुल रही है। क्योंक इसी योजना के तहत जिले को मादक पदार्थ विहिन जिला घोषित किया गया था।
अब तेजी से स्मैक की चपेट में युवा
भांग, चरस के बाद करौली, हिण्डौन सिटी में तेजी से युवक स्मैक की चपेट में आ रहे है। हिण्डौन सिटी के ग्रामीण क्षेत्र के एद दर्जन गांवों में स्मैक का कालाकारोबार तेजी से फैल गया है। श्रीमहावीरजी के रास्ते से स्मैक करौली जिला मुख्यालय पर बे-खौफ पहुंच रही है। शहर के परकोटे के साथ बाहरी क्षेत्र में इसका धंधा पनपने लगा है। इस बारे में पुलिस अधिकारी भी मानते है कि स्मैक की चपेट में अनेक युवा आ रहे है। पुलिस ने स्मैक का सेवन करने वाले युवकों को गिरफ्तार भी किया। हिण्डौन सिटी शहर में स्मैक का सेवन अधिक संख्या में हो रहा है।
जिला पुलिस ने बनाया
जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति चन्द्रा ने स्मैक के काले कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्लान तैयार किया है। पुलिस उपअधीक्षकों को इसके कारोबार पर अंकुश लगाने तथा तस्करों को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए है। एसपी ने कार्यभार संभालने के वक्त ही स्मैक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी।
रोजाना आ रहे मरीज
मादक पदार्थों का सेवन करने वाले १२ से 15 मरीज रोजाना अस्पताल में उपचार कराने आ रहे है, जिनमें स्मैक पीने वाले युवक भी शामिल है। मादक पदार्थों के उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाना होगा।
डॉ. प्रेमराज मीना मनोचिकित्सक राजकीय अस्पताल करौली
रिकॉर्ड में मरीज नहीं
आबकारी विभाग की नया सवेरा योजना के तहत मादक पदार्थ विहिन जिला घोषित कर दिया है। मादक पदार्थों के सेवन के नए रजिस्ट्रेशन लोगों को जारी नहीं किए हैं।
संजीव कुमार जिला आबकारी विभाग करौली
Published on:
28 Jan 2019 06:02 pm
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