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15 दिन में होगा इंस्टॉलेशन पूरा, सौर ऊर्जा से रोशन होगा हिण्डौनसिटी का अस्पताल

  Installation will be completed in 15 days, Hindauncity's hospital will be illuminated with solar energy - 170 केवी का सोलर एनर्जी सिस्टम स्थापित करने का काम शुरू

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हिण्डौनसिटी. राजकीय जिला चिकित्सालय में अब जल्द ही सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन शुरू होगा। इसके लिए चिकित्सालय भवन में 80 लाख रुपए की लगात से रूफ सोलर एनर्जी सिस्टम स्थापित करने के कार्य तेजी पर है। यदि कार्य की गति ठीक रही तो आगामी पखवाड़े में सोलर पॉवर(ग्रीन एनर्जी) से विद्युत उपकरणों के संचालन के साथ रात में चिकित्सालय परिसर भी रोशन होने लगेगा। इससे चिकित्सालय के मासिक विद्युत उपभोग बिल की राशि में काफी कमी आएगी।


लखनऊ की फिनिश सोसायटी व एसबीआई कार्ड के सीएसआर(कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) सहयोग से 170 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए जयपुर की समरलैण्ड सोलर कम्पनी ने मातृ-शिशु इकाई व एसएनसीयू वार्ड की छत पर सोलर प्लेटें लगाने के लिए पैनल लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। एक-दो दिन में पैनल लगाने का कार्य पूरा होने के बाद के सोलर प्लेंटे लगाने के साथ अन्य उपकरण भी स्थपित किए जाएगा। समरलैण्ड सोलर के सुपरवाइजर वाटसन अहमद ने बताया कि सोलर एनर्जी सिस्टम का इंस्टालेशन का कार्य 15 फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में आगामी पखवाड़े में सोलर सिस्टम से विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा। जिसका विद्युत ग्रिड स्टेशन के माध्यम से उपयोग किया जा सकेगा।

आकाशीय तडि़त से बचाएगा एलए सिस्टम-
अस्पताल की छत पर सोलर प्लेटों के साथ एलए सिस्टम(लाइट एरेस्टिंग) लगाए जाएगा। जो एनर्जी सिस्टम को आकाशीय तडि़त से सुरक्षा करेगा। कम्पनी सुपरवाईजर ने बताया कि एलए सिस्टम 250 मीटर परिधि क्षेत्र में गिरने वाली बिजली को खींच की भूमि में समाहित करेगा। इससे अस्पताल सहित परिधि के आवासीय क्षेत्र में में सुरक्षा मिल सकेगी।

मोबाइल पर दिखेगी उत्पादन और खपत-
ऑन ग्रिड सोलर एनर्जी सिस्टम में डीसी करंट(दिष्ट धारा) का बिजली उत्पादन होगा। जिसे दो बड़े इन्वर्टरों के जरिए के विद्युत ग्रिड स्टेशन में भेज एसी करंट(प्रत्यावर्ती धारा) में बदलने पर अस्पताल में आपूर्ति मिलेगी। जीएसएस में दो मीटरों से उत्पादन और खपत का आंकलन किया जाएगा। जिसे चिकित्सालय के पीएमओ भी वाईफाई जैनरेशन मॉनिटरिंग सिस्टम से मोबाइल पर देख सकेंगे।

315 प्लेटों से बनेंगी 20 हजार यूनिट बिजली
सोलर सिस्टम में अस्पताल की छत पर 135 सोलर प्लेटें लगाई जा रही हैं। जिनसे पर्याप्त धूप खुलने की स्थिति में प्रति माह 20 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन होगा। यानी प्रति दिन करीब एक हजार यूनिट बनेंगी। जबकि चिकित्सालय में औसत मासिक खपत 30 हजार यूनिट है। जिसके वजह में चिकित्सालय को विद्युत निगम को हर माह 4-5 लाख रुपए का बिल जमा कराया जाता है।