
लोह अयस्क के प्रोजेक्ट से आएगी राजस्थान के इस जिले में आएगी खुशहाली, ग्रामीणों ने कहा विकास का मुद्दा रहेगा हावी
लोह अयस्क के प्रोजेक्ट से आएगी राजस्थान के इस जिले में आएगी खुशहाली, ग्रामीणों ने कहा विकास का मुद्दा रहेगा हावी
करौली. लोह अयस्क का प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद ही हिण्डौन सिटी क्षेत्र के गांवों में विकास होगा साथ ही रोजगार मिलने से खुशहाली आएगी। यह विकास का प्रोजेक्ट लोकसभा चुनाव का मुद्दा है। इसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। यह बात राजस्थान पत्रिका की ओर से क्या है लोकसभा चुनाव का मुद्दा पर हिण्डौन सिटी के फैलीपुरा गांव में आयोजित टॉक-शो में ग्रामीणों ने कही। ग्रामीण अमरसिंह नीमरोट ने बताया कि वर्ष 2०१० से 2012 तक क्षेत्र की पहाडिय़ों में सरकार ने सर्वे कर लोह अयस्क का पता लगाया, सर्वे में लोह का भंडार मिला। लेकिन अभी तक लोह की खदानों का आवंटन नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया जनप्रतिनिधियों ने इस मामले पर गम्भीरता से काम नहीं किया। काचरौली के सेवानिवृत्त शिक्षक गुलाबचंद ने कहा लोह अयस्क का भंडार मिलना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा बनकर उभरा है। विकास की बात करने वालों को ही मतदान करेंगे। बजरंग फौजदार का कहना था कि लोह अयस्क का प्रोजेक्ट शुरू नहीं होना गम्भीर मामला है, इसे लेकर ग्रामीणों को एकजुट होना होगा, तब ही क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा। हेमराज जगरवाड़ का कहना था कि सोच बदलनी होगी, तब क्षेत्र का विकास होगा। लोह अयस्क के बड़े प्रोजेक्ट पर सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। एडवोकेट कुवल्लीराम ने कहा कि कानून के दायरे में विकास के प्रोजेक्ट का शुरू कराने के लिए काम करना चाहिए। राजेन्द्र मीना फैलीपुरा, बालकृष्ण उपाध्याय ने कहा लोह अयस्क का उत्पादन शुरू होने से क्षेत्र का विकास होगा क्योंकि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
चंबल पांचना जगर लिफ्ट परियोजना भी जरूरी
टोडूपुरा के सरपंच कमलराम ने बताया कि चंबल, पांचना जगर लिफ्ट परियोजना भी क्षेत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए लम्बे समय से संघर्ष किया जा रहा है। प्रभुलाल कटकड़, रामकेश मीना, अमर सिंह नीमरोट, गुड्डू कुतकपुर, गुलाब सिंह काचरौली ने कहा कि चुनाव के समय नेता इस योजना को चालू कराने का वादा करते है। लेकिन चुनाव के बाद भूल जाते है। उन्होंने बताया कि पानी के संकट का समाधान सिर्फ इसी योजना के माध्यम से हो सकता है।
क्या है लोह अयस्क का मुद्दा
करौली जिले के हिण्डौन इलाके में लोह का अकूत भंडार दबा होने का पता आठ वर्ष पहले भूगर्भ वैज्ञानिकों को चला। हिण्डौन सिटी क्षेत्र के देदरौली, टोडूपुरा, खोहर्रा, लिलोटी आदि गांवों की पहाडिय़ों में लोह के भंडार पाया गया। इस पर सरकार ने वर्ष 2010 में लोह की खदान आंवटन व लोह का भंडार तलाशने का पट्टा एक निजी कंपनी को दिया। इलाके में लोह भंडार होने के शुभ संकेत भी मिल गए लेकिन यह प्रोजेक्ट सरकार की उदासीनता से शुरू नहीं हो पाया। इसी को लेकर टॉक-शो किया गया।
Published on:
27 Apr 2019 08:00 pm
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