अमृत योजना के तहत शहर की प्राचीन धरोहर जच्चा की बावड़ी की सारसंभाल और सौंदर्यीकरण कार्य में अनदेखी की लीपापोती की जा रही है। अनियमितता का आलम है कि जर्जर हाल 7 सदी पुरानी जच्चा की बावड़ी को रंगाई-पुताई कर चमका दिया है। जबकि बावड़ी की सीढिय़ां और दीवारें क्षतिग्रस्तहाल हैं। अमृत योजना में 52 लाख रुपए की लागत से जच्चा की बावड़ी को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाना है।
योजना के तहत ऐतिहासिक विरासत जच्चा की बावड़ी को हेरिटेज लुक में संवारने एवं आस-पास के क्षेत्र को सौंदर्यीकृत कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए गत वर्ष नगर परिषद की ओर से ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानीय संवेदक मैंसर्स राजेंद्र प्रसाद द्वारा जच्चा की बावड़ी सहित जलसेन तालाब और प्रहलाद कुण्ड पर रख रखाब और सौदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया। इसके तहत जच्चा की बावड़ी की सीडिय़ों पर उगी झाडियों को काट कर सफाई की गई। पेडों की जड़ों से ऊबख-खाबड़ हुई सीडियों को मरम्मत करवा व्यवस्थित तक नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि तले के पास की कई सीढिय़ां तो ढही पड़ी हैं। आस-पास के लोगों का आरोप है कि बावड़ी की सारसंभाल के कार्य के तहत सफाई कर सीधे ही रंगाई पुताई कर दी गई।
वहीं दीवार की मरम्मत किए बिना चारों तरफ रैलिंग लगा दी गई है। उल्लेखनीय है कि अमृत योजना के द्वितीय चरण में शहर में सिटी टूरिज्म डवलेपमेंट (शहरी पर्यटन विकास) के कार्य के तहत नगर परिषद ने जलसेन, जच्चा की बावड़ी व प्रहलाद कुण्ड को चिह्नित किया था। जिनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए के लिए गत वर्ष राजस्थान अर्बन ड्रिंकिंग वाटर सीवरेज एंड इंफ्रास्ट्रेक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रुडिस्को) के माध्यम से एक निजी एजेंसी से वृहद प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई थी। कुल 5 करोड 80 लाख रुपए की डीपीआर में सर्वाधिक 4 करोड़ 30 लाख के कार्य जलसेन तालाब, 98 लाख रुपए प्रहलाद कुण्ड व जच्चा की बावड़ी के रखरखाब व सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 52 लाख रुपए से कार्य कराना प्रस्तावित किया।
बावड़ी के तीन रास्ते किए बंद, मूल स्वरूप बदला
सौंदर्यीकरण के तहत किए जा रहे निर्माण कार्य से प्राचीन जच्चा की बावड़ी का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है। आस-पास के लोगों ने बताया कि चौकोर आकार की बावड़ी में उतरने के लिए चारों घाटों से उतने के लिए कुल 10 रास्ते हैं। सारसंभाल के कार्य में तीन रास्तों को पट्टियां बिछा रैलिंग लगा कर बंद कर दिया है।
स्वीकृत राशि से अधिक में निविदा
आम तौर पर संवेदकों में काम पाने के लिए निविदा राशि से ब्लो (कम) में कार्य आदेश पाने की होड़ रहती है। लेकिन अमृतयोजना में शहरी पर्यटन विकास कार्य कार्य स्वीकृत राशि से 9.21 प्रतिशत अधिक में कराया जा रहा है। नगर परिषद सूत्रों के अनुसार 5.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति की तुलना में 6.21 करोड़ रुपए से कार्य आदेश जारी किए गए हैं।
इनका कहना है
जच्चा की बावड़ी पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर पहले भी संवेदक को निर्देशित किया जा चुका है। कल मौके पर पहुंच कार्य का निरीक्षण किया जाएगा।
प्रेमराज मीणा, आयुक्त
नगर परिषद, हिण्डौनसिटी.
जच्चा की बावड़ी पर अभी कार्य चल रहा है। 52 लाखा रुपए के कार्य कराए जाने हैं। निविदा की शर्तांे के तहत कार्य कराया जाएगा।
महेंद्र सिंह,सहायक अभियंता
नगर परिषद, हिण्डौनसिटी.