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इस्कॉन कृष्ण भक्तों के दल ने कीर्तन से किया मुग्ध

इस्कॉन कृष्ण भक्तों के दल ने कीर्तन से किया मुग्धजर्मन एवं रूस से आए भक्त करौली मेंकरौली. अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ ( हरे कृष्ण विलेज ) में शामिल जर्मन एवं रूस के कृष्ण भक्तों का एक दल शनिवार को करौली आया। इस दल में शामिल सदस्यों ने पहले प्रसिद्ध आराध्य देव मदन मोहन जी के दर्शन करके मंदिर में तथा इसके बाद भगत कॉन्ट्रेक्टर के आवास पर हरे रामा-हरे कृष्णा का संकीर्तन किया।

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इस्कॉन कृष्ण भक्तों के दल ने कीर्तन से किया मुग्ध
जर्मन एवं रूस से आए भक्त करौली में
करौली. अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ ( हरे कृष्ण विलेज ) में शामिल जर्मन एवं रूस के कृष्ण भक्तों का एक दल शनिवार को करौली आया। इस दल में शामिल सदस्यों ने पहले प्रसिद्ध

आराध्य देव मदन मोहन जी के दर्शन करके मंदिर में तथा इसके बाद भगत कॉन्ट्रेक्टर के आवास पर हरे रामा-हरे कृष्णा का संकीर्तन किया।
मदनमोहनजी मंदिर में दल के सदस्यों को कीर्तन करते देख वहां मौजूद दर्शनार्थी भी कीर्तन करते हुए नाचने लगे। इस दल के भगत कॉन्ट्रेक्टर आवास पर पहुंचने पर भगत परिवार के प्रकाश चंद, विष्णु चंद तथा कैलाश एक्सईएन सहित अन्य सदस्यों ने तिलक लगाकर तथा पुष्प वर्षा करके दल में शामिल सदस्यों का स्वागत किया।

लाखों की नौकरी छोड़कर जुड़ गए इस्कॉन से

कृष्ण भक्तों के इस विदेशी दल के प्रमुख मथुरा पति दास ने बताया कि वे इस्कॉन में दीक्षित होने से पहले मर्सिडीज कंपनी में लाखों रुपए की नौकरी करते थे लेकिन उनके मन को शांति नहीं मिल रही थी। एक दिन उन्होंने हरे राम-हरे कृष्णा महामंत्र को इंटरनेट पर देखा और उसके बारे में पढ़ा। इस मंत्र को जपने पर उनके रोम खड़े हो गए और शांति का अनुभव किया। इसके बाद
उन्होंने ईसाई धर्म का परित्याग करके सनातन धर्म को अपना लिया। तभी से उन्होंने मांस, मदिरा और व्यभिचार का त्याग कर दिया और सात्विक जीवन को अपना लिया। वे जगह-जगह कृष्ण मंदिरों में भ्रमण करते हैं और कीर्तन करके आनंद की अनुभूति महसूस करते हैं। विदेशी भक्तों के इस दल में राघव प्रभुजी, चैतन्य दास, फिलोरियम, आरोनफकस, बतारक आदि

भक्त शामिल थे |

इस्कॉन के कृष्ण भक्तों का भगत परिवार की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम में राजेंद्र गुप्ता एडवोकेट, समाजसेवी बबलू शुक्ला, मदन मोहन स्वामी, बांके हरदैनिया, पूरण प्रताप चतुर्वेदी, जेपी गुप्ता जेईएन सहित अनेक लोग मौजूद रहे।