
नौ माह बाद परिजनों को मिला कन्हैया कुमार
हिण्डौनसिटी. गुमशुदा बेटे की तलाश कर हारे झारखण्ड के एक परिवार को आखिरकार नौ माह बाद कन्हैया मिल गया। जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने शनिवार शाम बयाना मोड़ स्थित अपना घर आश्रम में कई माह से आश्रम में रह रहे मानसिक विमंदित प्रभूजी को झारखंड से आए परिजनों को सुपुर्द किया। जिसे आठ माह पहले श्रीमहावीरजी रेलवे स्टेशन पर लोगों ने बच्चा चोर समझ पकड़ लिया था।
इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक ने अपना घर आश्रम का निरीक्षण किया। आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद एसपी ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। असहाय लोगों की सेवा से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है।
आश्रम अध्यक्ष राकेश गोयल ने बताया कि 8 अप्रेल को श्रीमहावीर जी क्षेत्र में बच्चा चोर समझ लोगों द्वारा पकड़े गए मानसिक विमंदित युवक को थानाप्रभारी देवेंद्र कुमार ने आश्रम में भर्ती कराया था।
आश्रम में मिले उपचार के बाद युवक ने एक दिन स्वयं को झारखंड निवासी कन्हैया कुमार बताते हुए परिजनों से बात करने की इच्छा जाहिर की। आश्रम पदाधिकारियों ने झारखंड पुलिस की मदद से कन्हैया के परिजनों को सूचना दी। शनिवार को परिजन आश्रम पहुंचे तो कन्हैया अपने पिता व चाचा को देख कर लिपट कर रोने लगा। बेटे को लंबे समय बाद देख पिता व चाचा भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
कन्हैया के परिजनों ने अपना घर आश्रम का आभार जताया। एसपी ने परिजनों को कन्हैया की सुपुर्दगी दी। इस मौके पर नई मंडी थानाप्रभारी रामरूप मीणा, यातायात प्रभारी लाकेन्द्र सिंह, आश्रम संरक्षक मनीष बंसल, ओमप्रकाश गुप्ता, प्रहलाद गुप्ता, मोहनलाल गुप्ता, ललित शर्मा आदि मौजूद थे।
Published on:
24 Nov 2019 12:19 am
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