करौली. यहां जिला परिषद स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आयोजित हुई जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में गत बैठकों में सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान नहीं होने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से नाराजगी जताई। वहीं प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सदस्य बोले कि जब काम ही नहीं होते हैं तो प्रस्ताव क्यों लिए जाते हैं।
इस पर कई अधिकारी प्रस्तावों को उच्च स्तर पर भेजने की बात कहते रहे। जिला प्रमुख शिमला देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एडीएम निशु अग्निहोत्री और जिला परिषद सीईओ ऋषभ मंडल मौजूद रहे। बैठक में गत बैठक की कार्रवाई पर चर्चा के साथ ही जिला परिषद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पिछली बैठकों में उठाए गए पानी, बिजली, सड़क आदि के मुद्दों का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। कुछ सदस्य तो यहां से बोले कि जब समस्या का समाधान ही नहीं होता तो मीङ्क्षटग में आने का क्या औचित्य है। नादौती क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य राम ङ्क्षसह और हिण्डौन क्षेत्र के सुमेर ङ्क्षसह ने पेयजल समस्या का मुद्दा उठाया, जिस पर पीचएईडी के अरुण गुप्ता ने बताया कि जिले में 846 गांव हैं, इनमें नादौती के 22 गांवों में नलकूप नहीं लगाए जा सकते, ऐसे में यहां चंबल पेयजल प्रोजेक्ट से पानी पहुंचा रहे हैं। इसी क्रम में सदस्यों ने जल जीवन मिशन में सड़कों की खुदाई के बाद उनकी मरम्मत नहीं होने को लेकर शिकायत की। जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र ङ्क्षसह सोलंकी ने कहा कि महू खास में बीच रोड पर बिजली टावर और महू में गंभीर नदी के कैचमेंट एरिया में बिजली टावर लगा हुआ है, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। गत बैठक में टावर को हटवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक नहीं हटा है। इस पर बिजली विभाग के एसई ने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायत को आवेदन कर शुल्क जमा कराना होगा। इसके लेकर बहस शुरू हो गई और सदस्य सोलंकी बोले कि जब टावर गलत जगह लगा है, तो विभाग खुद इसे हटवाए। इस पर एडीएम ने विद्युत निगम एसई को जनहित को देखते हुए समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
सड़कों को लेकर भी उखड़े सदस्य
बैठक में सदस्यों ने कई गांवों में सड़क निर्माण नहीं होने को लेकर भी अधिकारियों से सवाल किए। जिला परिषद सदस्य सरोज देवी ने रीझवास से विजयपुरा बेरखेडा आम रास्ते के निर्माण नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गत बैठक में मुद्दा उठाया। वहीं सदस्य भूपेंद्र सोलंकी ने स्वीकृत सड़कों का निर्माण लम्बे समय तक नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस पर पीडब्ल्यू के एसई एवं एक्सईएन ने बारिश के बाद सड़कों का निर्माण शुरू कराने की बात कही। इसी क्रम में सदस्य रामङ्क्षसह ने प्रस्तावों की स्वीकृति नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब काम ही नहीं होते तो प्रस्ताव क्यों लिए जाते हैं। पीडब्ल्यू एसई बोले कि उच्च स्तर पर प्रस्ताव भिजवा दिए गए हैं। सदस्य सुमेर ङ्क्षसह ने मोठियापुरा- खरैटा रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इसी क्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए बिजली, पानी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई।