21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रतीक्षालयों का नहीं मिल रहा आमजन को लाभ, धूप में खड़े रहकर करना पड़ता है वाहनों का इंतजार

राष्ट्रीय राजमार्ग 11बी पर स्थित गांवों-कस्बों में बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय पडे बेकार...

2 min read
Google source verification

करौली

image

Vijay ram

Apr 01, 2018

karauli rajasthan latest news in hindi

कुडग़ांव.
राष्ट्रीय राजमार्ग 11बी पर स्थित गांवों-कस्बों में बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय यात्रियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ यात्री प्रतिक्षालयों में तो ईधन रखा हुआ है। यह प्रतीक्षालय आबादी क्षेत्र से दूर सुनसान स्थान पर बने हुए हैं।जिससे यहां बसें व अन्य वाहन नहीं रुकते हैं। ऐसे में लोगों को वाहनों का इंतजार धूप में खड़े रहकर करना पड़ता है। यह प्रतीक्षालय दो तरह के हैं। जिसमें पक्के व लोहे के पोल के शामिल है।

इन स्थानों पर प्रतीक्षालय
गंगापुर-करौली मार्ग पर गंगाजी की कोठी, सलेमपुर, भड़क्या, महमदपुर, मांच, अस्थल, अटा, गद्का की चौकी सहित अन्य स्थानों पर यात्री प्रतिक्षालय बने हैं। इसी प्रकार गंगापुरसिटी-लालसोट मार्ग पर भी प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। लेकिन इनका उपयोग नहीं हो रहा है।

रहती है गंदगी व अतिक्रमण
यात्री प्रतीक्षालयों में गंदगी का आलम रहता है। कई लोगों ने यहां अतिक्रमण कर रखा है।ग्रामीण लोग यहां गोबर डाल देते हैं। कुछ ने यहां कंडे डाल रखे हैं। बदबू से यहां लोग ठहर नहीं पाते हैं। प्रतीक्षालयों में धूल जमी है।

कार्यकारिणी की घोषणा, भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ
करौली. भाजपा के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ करौली जिला संयोजक शम्भूदयाल शर्माने करौली की कार्यकारिणी घोषित की है। प्रदेश कार्यालय प्रभारी ललित भारद्वाज ने बताया कि इसमें सहसंयोजक हरनाथसिंह, सहसंयोजक विनोद शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य व मीडिया प्रभारी सुनीता केसरा को मनोनीत किया है।

इनके अलावा डॉ. देवकुमार शर्मा, भागवत सिंह, नरेश कुमार मीणा, नगेन्द्र शर्मा, गिर्राज प्रसाद शर्मा, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, रजनीश तिवारी, मुकेशसिंह जाट को कार्यकारिणी सदस्य बनाया है।

मनरेगा योजना में सफाई की मांग
गुढ़ाचन्द्रजी. सरकार द्वारा किसानों के लिए खेतों में जलसंग्रहण करने के लिए शुरू की गई फार्म पौण्ड योजना क्षेत्र के गांवों में बिना बिना सार संभाल के अनुपयोगी साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि नादौती तहसील के अधिकांश गांव माड़ क्षेत्र के नाम से जाने जाते हैं। जहां वर्षभर पेयजल संकट बना रहता है। ऐसे में लोगों का मानना है कि अगर वर्षा जल से फार्म पौण्ड लबालब हो जाए तो यहां का किसान खुशहाल हो सकता है।

किसान रामरूप ढहरिया, सरपंच रामसिंह ढहरिया, राजेन्द्र दलपुरा आदि ने बताया कि एक दशक पूर्व ढहरिया, गिदानी, तिमावा, पाल, आमकाजाहिरा, दलपुरा, बालाखेड़ा, गोटयाकापुरा, रिंगसपुरा, आमलीपुरा, मोहनपुरा, कमालपुरा गांवों में कृषि विभाग, भू-संरक्षण एवं जलग्रहण विकास एवं विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर किसानों ने वर्षा जल को एकत्रित कर सिंचाई के लिए खेतों पर फार्म पौण्डों का निर्माण कराया। लेकिन लगातार वर्षा में आई कमी के चलते फार्म पॉण्ड प्रतिवर्ष पूरी तरह भर नहीं पाते हैं। ऐसे में किसान फसल में एक बार ही पानी दे पाते हैं। जिससे उन्हें सरकारी योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

किसानों ने बताया कि वर्षा जल के साथ मिट्टी बहकर आ जाती है। जिससे धीरे-धीरे फार्म पॉण्डो मिट्टी से भर शील्ट (मिट्टी भराव) हो गए है। साथ ही फार्म पौण्डों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त होने लगी है। किसान बताते है कि सरकार अगर इन फार्म पॉण्डों की ओर ध्यान दे दे तो माड़ क्षेत्र की काली, चिकनी मिट्टी में सब्जियां भी पैदा हो सकती है।