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अस्पताल में रोगियों का दबाव, सेटेलाइट अस्पताल की दरकार

अभियान: करौली को बजट में मिले सेटेलाइट की सौगातजनप्रतिनिधियों की पहल की दरकारअस्पताल के नवीन भवन के दूर होने से है जरुरत

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अस्पताल में रोगियों का दबाव, सेटेलाइट अस्पताल की दरकार

अस्पताल में रोगियों का दबाव, सेटेलाइट अस्पताल की दरकार

करौली. जिला मुख्यालय के रियासतकालीन सामान्य चिकित्सालय में ना केवल जिले के बल्कि दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं। मौसमी बीमारियों के दौर में तो चिकित्सालय में रोगियों का आउटडोर दो हजार के पार तक पहुंचता है। ऐसे में यदि जिला मुख्यालय के पुराने अस्पताल भवन में सरकार सेटेलाइट अस्पताल की बजट में सौगात दे तो रोगियों को राहत मिलेगी। वर्तमान में 225 पलंगों के स्वीकृत यहां के सामान्य चिकित्सालय में उपचार के लिए करौली जिले के अलावा आसपास के जिलों के शहरों के भी रोगी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।

इन क्षेत्रों से आते रोगी
चिकित्सालय में करौली सहित सपोटरा, मण्डरायल, हिण्डौनसिटी, कुडग़ांव, मासलपुर, नादौती, टोडाभीम इलाकों के समीप के सवाईमाधोपुर जिले के गंगापुरसिटी, धौलपुर जिले के धौलपुर, सरमथुरा, बाड़ी, बसेड़ी आदि इलाकों के रोगी उपचार के लिए आते हैं। इतना नहीं मण्डरायल के समीप चम्बल नदी के उस पार मध्यप्रदेश के सबलगढ़ व आसपास के अनेक रोगी भी इस चिकित्सालय में उपचार के लिए आते हैं, जिसके चलते यहां अस्पताल पर काफी दबाव भी रहता है। सेटेलाइट चिकित्सालय खुलने पर शहरवासियों को तो राहत मिलेगी ही। साथ ही अतिरिक्त चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी आदि स्टाफ की भी बढ़ोतरी हो सकेगी।

नए भवन में बना है ट्रोमा सेन्टर
वर्तमान में शहर के मध्य संचालित सामान्य चिकित्सालय ही ट्रोमा सेन्टर का संचालन हो रहा है। जहां दुर्घटना में घायल लोग पहुंचते हैं। चूंकि मण्डरायल मार्ग पर नवनिर्मित भवन में अलग से ट्रोमा सेन्टर बनाया गया है। पुराने भवन से ट्रोमा वार्ड के नए भवन में स्थानान्तरण होना है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि ऐसे में आपात स्थिति में पुराने भवन में सेटेलाइट अस्पताल की महती आवश्यकता होगी।