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करौली: दो शताब्दी प्राचीन है नौलखा बाग हनुमानजी मंदिर

करौली. करौली जिला मुख्यालय पर नौलखा बाग में हनुमानजी का प्राचीन मंदिर स्थित है।

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करौली: दो शताब्दी प्राचीन है नौलखा बाग हनुमानजी मंदिर

करौली: दो शताब्दी प्राचीन है नौलखा बाग हनुमानजी मंदिर

करौली. करौली जिला मुख्यालय पर नौलखा बाग में हनुमानजी का प्राचीन मंदिर स्थित है। यहां पर 5 फीट से अधिक ऊंचाई की हनुमान प्रतिमा को काफी चमत्कारी माना जाता है। मंगलवार-शनिवार तो यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा ही रहता है जबकि शारदीय नवरात्राओं में यहां अखण्ड रामायाण पाठ की चौपाई 24 घंटे गूंजती है। हनुमान मंदिर परिसर में प्रेतराज का स्थान भी बना हुआहै।

नौलखा बाग स्थित हनुमानजी मंदिर के इतिहास के बारे में प्रमाणिक जानकारी तो उपलब्ध नहीं है लेकिन इतिहास के जानकार और बुजुर्ग इसे करीब दो शताब्दी प्राचीन बताते हैं। इतिहासकार वेणुगोपाल शर्मा के अनुसार बाग में विराजी हनुमान प्रतिमा करीब 200 साल प्राचीन है। गौरतलब यह है कि रियासतकाल के दौरान करौली के शासकों की इस हनुमान प्रतिमा के प्रति गहरी आस्था रही है। यहां के पड़ोसी बुजुर्ग बताते हैं कि शुरूआत में यहां केवल प्रतिमा प्रतिष्ठित थी, बाद में मंदिर का निर्माण हुआ।

क्षेत्र के निवासी शतायु पार मोती माली के अनुसार करौली शासकों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था थी। उस दौरान राजा भंवरपाल, भौमपाल, गणेशपाल यहां दर्शनों को आते रहते थे। वहीं मंदिर में अन्नकूट आयोजन के साथ छप्पनभोग, रामायण पाठ, सवामणी के आयोजन होते रहते हैं।

बताते हैं कि जिस नौलखा बाग में यह मंदिर है, वहां बाद में बाग विकसित हुआ, जिसमें हजारों पेड़-पौधे लगाकर चारदीवारी कराई गई। कहा जाता है कि इस बाग में कभी नौ लाख पेड़-पौधे हुआ करते थे, जिस कारण इसका नाम नौलखा बाग पड़ गया। हालांकि वर्तमान में बाग में काफी कम पेड़ रह गए हैं। पेड़ गायब हुए हैं और इसमें खेती की जाने लगी है।