करौली. जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित अंजनी माता मंदिर पर रविवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर आयोजित वार्षिक मेले में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके चलते तीसरे पहर तक पहाड़ी पर खासी चहल-पहल बनी रही। इस मौक ेपर हजारों श्रद्धालुओ ने अंजनी माता के जयकारे लगाते हुए ऊंची पहाड़ी पर पहुंचकर माता के दर्शन और पूजा-अर्चना कर खुशहाली की मनौती मांगी।
तड़के से ही माता के मंदिर पर श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। दिन चढऩे के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। इस दौरान पहाड़ी पर अंजनी माता के जयकारे गुंजायमान होते रहे। शाम तक तक श्रद्धालुओं का दर्शनों के लिए पहुंचना जारी रहा। उल्लेखनीय है कि धार्मिक मान्यता के अनुसार विशेष तौर पर कान की बीमारियों से पीडि़त लोगों को माता के दर्शन करने से राहत मिलती है। कान की बीमारियों से पीडि़त लोग सरकंडे का तीर और प्रसाद चढ़ाकर मनौती मांगते हैं। मेले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस जाप्ता तैनात रहा।
गौरतलब है कि पांचना नदी की पहाड़ी पर स्थित अंजनी माता का मंदिर प्राचीन है, जिसे करौली शहर की स्थापना से पहले का बताया जाता है।
अंजनी माता में मंदिर में हनुमानजी माता अंजनी की गोद में बालरूप में विराजमान हैं। प्रतिवर्ष देवउठनी एकादशी के अवसर पर प्रतिवर्ष अंजनी माता का मेला भरता है। जिला प्रशासन की ओर से मेले के मद्देनजर अवकाश भी घोषित किया जाता है। हालांकि गत वर्ष कोरोना के चलते प्रशासन ने मेले पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मंदिर के पट भी दो दिन के लिए बंद रखे गए थे।
भोग-प्रसाद के साथ सजी खेल-खिलौनों की दुकानें
इस अवसर पर अंजनी माता मंदिर परिसर में प्रसाद और खेल-खिलौनों की अनेक अस्थायी दुकानें लगाई गईं, जिनसे लोगों ने खरीदारी की। इसके साथ ही सौन्दर्य प्रशाधन की दुकानें भी खूब लगी।