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करौली जिले में कोरोना के बूस्टर डोज की रफ्तार धीमी, तीन सप्ताह में 66 हजार को ही लगे टीके

करौली. जिले में कोरोना की बूस्टर डोज (प्रीकॉशन) की प्रगति कमजोर बनी हुई है। बूस्टर डोज के प्रति लोग रुचि नहीं दर्शा रहे हैं, वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी प्रीकॉशन डोज के प्रति अधिक गंभीर नजर नहीं आ रहा।

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करौली जिले में कोरोना के बूस्टर डोज की रफ्तार धीमी, तीन सप्ताह में 66 हजार को ही लगे टीके

करौली जिले में कोरोना के बूस्टर डोज की रफ्तार धीमी, तीन सप्ताह में 66 हजार को ही लगे टीके

करौली. जिले में कोरोना की बूस्टर डोज (प्रीकॉशन) की प्रगति कमजोर बनी हुई है। बूस्टर डोज के प्रति लोग रुचि नहीं दर्शा रहे हैं, वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी प्रीकॉशन डोज के प्रति अधिक गंभीर नजर नहीं आ रहा। शायद यही वजह है कि बूस्टर डोज की प्रगति में जिले के आंकड़े काफी कमजोर बने हुए हैं। विशेष बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना केसों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे लेकर राज्य सरकार चिंतित हैं और चिकित्सा मंत्री की ओर से कोविड सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जिले में बूस्टर डोज की प्रगति नहीं बढ़ रही है। चिकित्सा विभाग सूत्रों के अनुसार पिछले करीब तीन सप्ताह में जिलेभर में महज 66 हजार लोगों ने ही प्रीकॉशन डोज लगवाई है, जो लक्ष्य के मुकाबले काफी कम है।

गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत केन्द्र सरकार की ओर से कोरोना के बूस्टर डोज मुफ्त लगाने की घोषणा की गई थी। सरकार की ओर से गत 15 जुलाई से आगामी 75 दिन तक बुस्टर डोज (प्रीकॉशन) डोज सरकारी केन्द्रों पर मुफ्त लगवाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन मुफ्त में भी बूस्टर डोज लगवाने के प्रति लोग रुचि नहीं दर्शा रहे हैं।

शुरूआत में थी 6.73 लाख की ड्यू लिस्ट
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के अनुसार विभाग के पास उपलब्ध ड्यू लिस्ट के अनुसार 15 जुलाई तक जिले में 18 से 59 आयु वर्ग के 6 लाख 72 हजार 826 ऐसे लोग थे, जिन्हें कोरोना की द्वितीय डोज लगे हुए 6 माह का समय पूर्ण हो चुका था। ऐसे में इस आंकड़े को उस समय लक्ष्य मानते हुए बूस्टर डोज लगाना शुरू हुआ, लेकिन तीन सप्ताह में जिले में महज 66 हजार लोगों को ही बुस्टर डोज लग सकी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस बीच लाभार्थियों का आंकड़ा और भी बढ़ गया है।

शुरू से ही कमजोर स्थिति
असल में आमजन कोरोना के बुस्टर डोज के प्रति इस विशेष अभियान के प्रति शुरू से ही कमजोर स्थिति रही है। पहले दिन 15 जुलाई को जिलेभर में चिकित्सा संस्थानों पर मात्र 1707 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई थी। उसके बाद से ही अब तक यह स्थिति कमजोर बनी हुई है।

टोडाभीम सबसे आगे
15 जुलाई से 5 अगस्त तक के जिले के कोरोना बूस्टर डोज की प्रगति के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि में सर्वाधिक टीके टोडाभीम ब्लॉक क्षेत्र में 20 हजार 104 लगे हैं। जबकि हिण्डौन शहरी क्षेत्र में सबसे खराब स्थिति रही है, जहां महज 1959 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई। कमोबेश यही स्थिति करौली शहरी क्षेत्र की रही है, जहां भी यह आंकड़ा 2339 डोज तक ही पहुंच सका है।

प्रीकॉशन डोज: कहां कितने लगे
स्थान टीके
करौली 12973
हिण्डौन 18251
सपोटरा 6112
टोडाभीम 20104
गुढ़ाचन्द्रजी 4284
करौली अरबन 2339
हिण्डौन अरबन 1959

इनका कहना है...
जिले में प्रीकॉशन डोज के प्रति लोग कम रुचि दर्शा रहे हैं। जिले के सरकारी चिकित्सा संस्थानों के साथ विद्यालयों में भी प्रीकॉशन डोज लगाई जा रही है। प्रगति बढ़ाने के लिए बीच-बीच में विशेष अभियान भी चला रहे हैं।
डॉ. दिनेशचन्द मीना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, करौली