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करौली जिले में इन इलाकों में टाइगर की दहाड़ ने उड़ा रखी है ग्रामीणों की नींद

करौली. जिले के सपोटरा और मण्डरायल इलाके में पिछले दिनों से बाघों की दहाड़ ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बाघों के लगातार क्षेत्र में घूमने से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत बनी हुई है।

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करौली जिले में इन इलाकों में टाइगर की दहाड़ ने उड़ा रखी है ग्रामीणों की नींद

करौली जिले में इन इलाकों में टाइगर की दहाड़ ने उड़ा रखी है ग्रामीणों की नींद

करौली. जिले के सपोटरा और मण्डरायल इलाके में पिछले दिनों से बाघों की दहाड़ ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बाघों के लगातार क्षेत्र में घूमने से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत बनी हुई है। दोनों ही बाघों द्वारा एक भैंस और जंगली सूअर का शिकार भी किया गया।

दोनों ही इलाकों में यह बाघ वन विभाग के ट्रेप कैमरों में भी शिकार को खाते हुए ट्रेप हुए हैं। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम लगातार बाघों की ट्रैकिंग-मॉनीटरिंग में जुटी हुई है। रणथम्भौर अभयारण्य क्षेत्र से ट्रैरटरी की तलाश में निकला टाइगर टी-132 सपोटरा इलाके के गांवों के आसपास जंगल में घूम रहा है, वहीं मण्डरायल क्षेत्र में टाइगर टी-80 तूफान दहाड़ रहा है।

तूफान की दहाड़ से सहम रहे ग्रामीण
मंडरायल. मण्डरायल इलाके के गांवों में एक बार फिर टाइगर का मूवमेंट होने की खबरों से पशुपालकों और ग्रामीणों में भय बना हुआ है। लंबे अरसे के बाद इलाके में एक बार फिर टाइगर की दहाड़ गूंज रही है। क्षेत्रीय वन अधिकारी लाखन सिंह ने बताया कि तूफान के नाम से प्रसिद्ध टाइगर- 80 का मूवमेंट लगातार मण्डरायल इलाके में ही बना हुआ है। एक दिन पहले तूफान द्वारा घोड़े के नाले के समीप एक भैंस का शिकार किए जाने के बाद वह वापस इस क्षेत्र में पहुंचा। टाइगर का यह मूवमेंट वन विभाग के कैमरों में कैद हुआ है। क्षेत्र में टाइगर की आवाजाही की खबरों से पशुपालक अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। साथ ही ग्रामीण जंगल में होकर खेतों पर जाने में कतरा रहे हैं।

तीन दिन से एक ही इलाके में डटा है टाइगर टी-132
सपोटरा. इलाके में पिछले कई दिनों से घूम रहे टाइगर टी-132 ने क्षेत्र में दहशत फैलाई हुई है। पिछले तीन दिन से तो टाइगर सपोटरा उपखण्ड मुख्यालय से महज 5-7 किलोमीटर दूर रामठरा-अमरगढ़ इलाके में ही घूम रहा है। तीन दिन तक एक ही इलाके में टाइगर के मुवमेंट से क्षेत्र के बाशिंदों की नींद उड़ी हुई है। किसान खेतों पर जाने में कतरा रहे हैं, वहीं महिलाएं तो खेतों पर चारा आदि लेने को जा ही नहीं पा रही हैं। हालांकि वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम लगातार टाइगर की ट्रैकिंग-मॉनीटरिंग में जुटी है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहनलाल सैनी ने बताया कि टाइगर का मुवमेंट अमरगढ़-रामठर क्षेत्र में बना हुआ है, जिसकी लगातार निगरानी की जा रही है। टाइगर ने दो दिन पहले अमरगढ़-रामठरा के बीच खेतों में एक जंगली सूअर का शिकार भी किया है। विभाग की ओर से लगाए ट्रेप कैमरे में वह शिकार को खाता हुआ नजर आ रहा है।