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कार्मिकों ने दिया धरना, सरकार के खिलाफ जताया रोष

करौली. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की ओर से15 सूत्रीय मांगों को लेकर यहां कलक्ट्रेट के समक्ष सांकेतिक ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देने पर रोष जताया और शीघ्र मांगों के पूरा नहीं होने पर आगामी समय में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।

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कार्मिकों ने दिया धरना, सरकार के खिलाफ जताया रोष

कार्मिकों ने दिया धरना, सरकार के खिलाफ जताया रोष

करौली. अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की ओर से
15 सूत्रीय मांगों को लेकर यहां कलक्ट्रेट के समक्ष सांकेतिक ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देने पर रोष जताया और शीघ्र मांगों के पूरा नहीं होने पर आगामी समय में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी। धरना के बाद महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पर सभी संभागों में प्रदर्शन के बाद 6 नवम्बर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर जयपुर में प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

धरना के दौरान प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। अब मजबूरी में धरना शुरू कर राज्यव्यापी आंदोलन की शुरूआत कर दी गई है। जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीना, नवीन शर्मा, कैलाशचन्द शर्मा, जगमोहन माली सहित अन्य ने कहा कि महासंघ की ओर से लम्बे समय से कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार से मांग की जा रही है, लेकिन राज्य सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इस दौरान कर्मचारियों ने नारे भी लगाए।
धरना के बाद सौंपे गए ज्ञापन में संविदा, निविदा, मानदेय कार्मिकों को नियमितीकरण, वेतन व अन्य परिलाभ देने, नियमितीकरण नहीं होने तक ठेकेदारी प्रथा पर प्रतिबंध, विद्यार्थी मित्र, प्रेरक, सीएचए, नर्सेज इत्यादि को पुन: राजकीय सेवा में लेने, एएनएम भर्ती 2018 से वंचितों को नियुक्ति देने, कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों की विसंगति दूर करने, राज्य कर्मचारियों को एसीपी परिलाभ 9, 18, 27 वर्ष के स्थान पर आरएएस के समान 04 एसीपी 7,14,21 व 28 वर्ष करने, पेंशन परिलाभ देने, समयबद्ध पदोन्नति देने, स्थानान्तरण नीति बनाने, शिक्षा, चिकित्सा सहित अन्य समस्त विभागों के कार्मिकों को गैर विभागीय कार्यों से मुक्त करने, पेंशन कार्यालयों का जिला स्तरीय विकेन्द्रीकरण करने, कर्मचारी कल्याण बोर्ड का गठन करने सहित अन्य मांगें की गई हैं। इस दौरान महासंघ के जिला महामंत्री राघवेन्द्र शुक्ला, मुख्य संरक्षक सियाराम शर्मा, गोपाल शर्मा, रमेशचन्द गुप्ता, भूपेन्द्र शर्मा, लक्ष्मीकांत, अविनेश सिंह, धनराज अवस्थी, हेमराज बिडरवास सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।