
160 लाख लीटर की जरूरत और मिल रहा 92 लाख लीटर पानी
करौली. सर्दी की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन जिला मुख्यालय पर पेयजल के लिए गर्मी के मौसम जैसी मारामारी है। पानी के लिए मोहताज लोग मजबूरी में टेंकर खरीद प्यास बुझा रहें हैं। जलापूर्ति का बिगड़ा हुआ तंत्र नगरपरिषद के पास से अब जलदाय विभाग के पास आ गया है, लेकिन छह महिने बाद भी हालात जस के तस हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण करौली शहर के लोगों को मांग से आधा पानी मिल पा रहा है।
दरअसल, 1 लाख 7 हजार 466 की जनसंख्या वाले करौली शहर को 160 लाख लीटर प्रितिदन की जरुरत है, लेकिन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा महज 92 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह स्थिति तो सर्दी के मौसम की है, गर्मी में हालात कितने विकट रहे होंगे, इसका अंदाजा भी विभागीय आंकडो से ही लगाया जा सकता है। वर्षो से बिगडे जल वितरण सिस्टम के लिए मुख्यत: अवैध कनेक्शनों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। अनाधिकृत रुप से पाइप लाइनों को छेद कर किए कनेक्शनों पर कैंची चलाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से हर साल लाखों रुपए का बजट खपाया जाता है, लेकिन आंकडो की बाजीगरी और कागजी कार्रवाई के कारण धरातल पर काम नहीं हो पाता। यही कारण है, कि सर्दी में भी पेयजल संकट बरकरार बना हुआ है।
22 हजार परिवार और 9 हजार नल कनेक्शन
नगरपरिषद क्षेत्र में 22 हजार 424 परिवार हैं। लेकिन पुरानी घनी आबादी से लेकर नई बसी कॉलोनियों में महज 9 हजार 97 नल कनेक्शन हैं। जबकि 13 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन नहीं हैं। जलदाय विभाग की माने तो, पिछले गर्मी के सीजन में ही 400 अवैध नल कनेक्शन सरकारी पाइप लाइन से विच्छेद किए थे।
68 लाख लीटर पानी का पड़ रहा टोटा
जलदाय सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा शहर में हर दिन 92 लाख लीटर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जबकि मांग 160 लाख लीटर की है। ऐसे में अपनी जरुरत पूरी करने के लिए लोग प्रतिदिन पानी की खरीद टेंकरों से कर रहें हैं। जिससे उन्हें न केवल आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है, बल्कि अव्यवस्था के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
जलापूर्ति का गणित
शहर की जलापूर्ति का जिम्मा छह माह पहले तक नगरपरिषद पर था। मई 2022 से इसकी जिम्मेदारी जलदाय विभाग पर आ गई। विभाग के पास 46 नलकूप हैं। इनमें से मैग्जीन क्षेत्र में 4 बंद पड़े हैं। ऐसे में प्रतिदिन 42 नलकूपों से जलोत्पादन कर 9 उच्च जलाशयों में 92 लाख लीटर जलभराव किया जाता है। इसके बाद 31 जोन में रोटेशन से तथा 5 जोन में डायरेक्ट बूङ्क्षस्टग कर जलापूर्ति की जाती है।
यहां है नलकूप
जलदाय विभाग के कॉलेज के पीछे 6, मासलपुर-हिण्डौन मार्ग पर 10, हाथीघटा, मासलपुर गेट, अंबेडकर सर्किल के पास 1-1, बरखेडा पुल के पास 4, मेग्जीन पर 6, मेलागेट पर 9, कृषि मंडी के पास 6 व नौलखा बाग के पास दो नलकूप हैं। इनमें से 4 नलकूप मेग्जीन के पास बंद हैं।
शहर में मांग से कम पेयजल आपूर्ति हो रही है। पानी की किल्लत दूर करने के लिए विभागीय स्तर कार्रवाई चल रही है।-गज्जूलाल, जेईएन जलदाय विभाग, करौली (शहर)
Published on:
28 Oct 2022 12:16 pm
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