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वनरक्षक परीक्षा में 45 फीसदी से अधिक रहे अनुपस्थित

करौली. वनरक्षक भर्ती परीक्षा शनिवार को शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जिला मुख्यालय के 18 केन्द्रों पर हुई परीक्षा में पहले दिन 5213 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, वहीं 4387 अनुपस्थित रहे। दो पारियों में हुई परीक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद रहा।

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वनरक्षक परीक्षा में 45 फीसदी से अधिक रहे अनुपस्थित

वनरक्षक परीक्षा में 45 फीसदी से अधिक रहे अनुपस्थित

करौली. वनरक्षक भर्ती परीक्षा शनिवार को शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जिला मुख्यालय के 18 केन्द्रों पर हुई परीक्षा में पहले दिन 5213 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, वहीं 4387 अनुपस्थित रहे। दो पारियों में हुई परीक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद रहा। परीक्षा केन्द्रों पर करीब 150 पुलिस कर्मियों का जाप्ता तैनात किया। इसके साथ ही प्रत्येक छह केन्द्रों पर मोबाइल टीम और सतर्कता दलों ने निगरानी रखी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश जैफ व पुलिस उपाधीक्षक दीपक गर्ग भी दिनभर परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी करते नजर आए। नोड़ल अधिकारी महावीर प्रसाद नायक ने बताया कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक हुई प्रथम पारी की परीक्षा में पंजीकृत 4800 अभ्यर्थियों में से 2605 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। वहीं दोपहर 2. 30 से शाम 4.30 बजे तक हुई दूसरी पारी की परीक्षा में पंजीकृत 4800 में से 2608 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पहली पारी में 2195 तथा दूसरी पारी में 2192 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
कानों के कुंडल और नोज पिन भी उतरवाई
परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश से पूर्व परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई।

मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, चेन, अंगूठी, कान के टॉप्स, लॉकेट, जेवरात, लाना भी वर्जित था, लेकिन फिर भी काफी अभ्यर्थी गाइडलाइन की पालना नहीं करते हुए परीक्षा देने पहुंचे। ऐसे में ऐसे में प्रशासन की ओर से सख्ती बरती गई। मिहला पुलिसकिर्मयों ने महिला और युवतियों के कानों के कुंडल, टॉप्स और नोज पिन उतरवा दिए। रोडवेज आगार के मुख्य प्रबंधक गजानंद जांगिड़ ने बताया कि वनरक्षक परीक्षा को लेकर बसों की पुख्ता व्यवस्था की गई। रोडवेज की 73 बसों के अलावा 10 अतिरिक्त बसें चलाई गई। हालांकि परीक्षा छूटने के बाद बस स्टेण्ड पर सीट पाने के लिए अभ्यर्थियों को मशक्कत हुई।