Kaila Devi Mela 2023: उत्तर भारत प्रसिद्ध आस्थाधाम कैलादेवी में चल रहे चैत्र लक्खी मेले में बुधवार को नवसंवत्सर के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड पड़ा। लाखों भक्तों की भीड़ से पूरा आस्थाधाम गुंजायमान होता रहा। माता के दर्शनों के लिए देर रात से रैलिंगों में भक्तों का पहुंचना शुरू। शाम तक मंदिर परिसर में रैलिंग भक्तों से खचाखच भरी रही, जिसके लिए श्रद्धालुओं को माता की एक झलक पाने की खातिर लम्बा इंतजार करना पड़ा। कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के अनुसार नवसंवत्सर अवसर पर करीब 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर मनौती मांगी।
माना जा रहा है पिछले चार दशक की अवधि में नवसंवत्सर पर इतनी भीड़ पहली बार उमड़ी है। इस दौरान पूरा परिसर कैलामाता के जयकारों से गूंजता रहा। इधर चैत्र नवरात्र की शुरूआत के साथ ही मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि को मंदिर में घट स्थापना के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान भी शुरू हुए हैं। राज पंडित प्रकाशचन्द जति के सान्निध्य में घटस्थापना हुई। नवरात्रि में 9 दिन विधि विधान से माता की पूजा-अर्चना, शतचंडी पाठ, भैरव स्त्रोत पाठ, कन्या-लांगरा पूजन आदि धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
इधर नवसंवत्सर पर माता के दर्शनों की खातिर मंगलवार रात से ही राजस्थान के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, गुजरात आदि प्रांतों से लाखों की संख्या में भक्तों का कैलादेवी में जुटना शुरू हो गया। देर रात तक भक्तों की आवक बनी रही। पिछले कई दिनों से पदयात्रा कर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्थाधाम में पहुंच गए।
नवसंवत्सर की पहली भोर में कैलामाता के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में जा पहुंचे। कस्बे की पवित्र कालीसिल नदी में स्नान के बाद तड़के मंदिर परिसर की रैलिंगों में श्रद्धालुओं का पहुंंचना शुरू हो गया और रैलिंग खचाखच हो गई। इसके चलते माता की एक झलक पाने को भक्तों को लम्बा इंतजार भी करना पड़ा। सुबह 4 बजे मंगला आरती पर जैसे ही माता के पट खुले पूरा परिसर कैला मय्या के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। दिन चढऩे के साथ ही भीड़ भी बढ़ती गई और शाम तक रैलिंगों में कतार लगी रही। रैलिंगों में भक्तों के लिए पेयजल, कूलर, पंखों की व्यवस्था की गई थी।
गौरतलब है कि कैलामाता को लक्ष्मी स्वरूपा माना जाता है। इस कारण वर्ष के प्रारंभ में माता के दर्शन को शुभ मानने की धार्मिक मान्यता है। इस मान्यता के कारण हर वर्ष नवसंवत्सर पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ रहती है। धार्मिक मान्यता है कि नवसंवत्सर के अवसर पर माता के दर्शन करने से वर्षभर अच्छा गुजरता है। कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट के मेला नियंत्रण अधिकारी एडवोकेट संतोष सिंह के अनुसार नवसंवत्सर पर माता के दर्शनों के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। शाम तक करीब 5-6 लाख से श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। पिछले चार दशक में यह पहला मौका है जब एक ही दिन में इतनी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
लगा जाम, ओवरलोड दौड़ वाहन
नवसंवत्सर पर माता के दर्शनों के बाद अब श्रद्धालुओं का अपने गंत्वय की ओर लौटना भी शुरू हो गया। दर्शनों के बाद यात्रियों की रवानगी होने से बसों में खूब भीड़ रही। दिनभर बसों में यात्री भार बना रहा। इस दौरान बसें खूब ओवरलोड़ दौड़ती रही। वहीं सुबह के समय खौहरी मोड़ तक करीब 2 किलोमीटर तक लम्बा जाम भी लग गया, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता
भक्तों की भीड़ के चलते मंदिर परिसर से लेकर पूरे मेला मैदान में करीब 1250 पुलिसकर्मी, आरएसी, होमगार्ड के जवान तैनात हैं। पुलिस अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। हालांकि भीड़ के कारण वाहनों की भी संख्या अधिक रही।