करौली. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी इंदिरा रसोई योजना नगरीय निकाय विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से दम तोड़ती दिखाई पड़ रही है। जिले में संचालित 13 इंदिरा रसोईयों के संचालकों को जनवरी माह की करीब 20 लाख रुपए की पुर्नभरण राशि का भुगतान अब तक नहीं मिला है, जबकि 9 रसोईयों के संचालकों को एक माह पहले ही यह भुगतान कर दिया गया।
ऐसे में जिन रसोईयों का भुगतान नहीं हुआ है, उनके संचालक नगरपरिषद अधिकारियों पर चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए जरूरतमंदों को भोजन कराने के प्रति कम रूचि दिखा रहे हैं।
जिले की करौली, हिण्डौन नगरपरिषद व टोडाभीम और सपोटरा नगरपालिका का क्षेत्रों में 22 इंदिरा रसोई संचालित हैं। इनमें करौली की 5, हिण्डौन में की 3, टोडाभीम की 1 रसोई के संचालकों का जनवरी माह की पुनर्भरण राशि के रुपए में लगभग साढ़े 15 लाख रुपए का भुगतान अप्रेल माह में कर दिया गया, लेकिन करौली की 4, हिण्डौन की 6, टोडाभीम की 1 व सपोटरा की 2 रसोईयों के संचालकों को भुगतान नहीं किया है। जबकि नियमानुसार सभी रसोईयों का भुगतान एक साथ ही करना होता है। जिन रसोई संचालकों भुगतान नहीं हुआ उनका कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से बाजार में लाखों रुपए बकाया हो गया है। इससे सिलेंडर, हरी सब्जी, दाल, आटा खरीदने में दिक्कत हो रही है।
यहां संचालित हैं इंदिरा रसोई
सूत्रों के अनुसार करौली शहर में सरकारी अस्पताल गुलाब बाग, रोडवेज बस स्टेण्ड, मैगजीन, राजकीय सामान्य चिकित्सालय मंडरायल रोड, सिटी पार्क के पास, राजकीय महाविद्यालय, शिकारगंज में भट्टा चौराहा, नदी गेट पर मदनमोहन जी मंदिर के पास, मासलपुर चुंगी पर, हिण्डौन शहर में रेलवे स्टेशन, नगरपरिषद के आश्रय स्थल, राजकीय अस्पताल के पास, मंडावरा रोड, अनाज मंडी के पास, वर्धमान नगर, पीलू वाली मस्जिद के पास, जाटव बस्ती, गोपाल टाकीज के पास, सपोटरा में बस स्टेंड के पास, मीना धर्मशाला, टोडाभीम में पुराना कोर्ट व राजकीय चिकित्सालय में इंदिरा रसोई संचालित की थी।
कॉलेज में संचालित रसोई का स्थान बदला
सूत्रों के अनुसार करौली के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं को कम पैसों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से इंदिरा रसोई शुरु की गई थी, लेकिन करीब एक माह पहले कॉलेज की रसोई को हाथीघटा में स्थानांतरित कर दिया गया। बताया जाता है कि कॉलेज में कम संख्या में लोग भोजन करने आते थे, जिससे संचालक को नुकसान हो रहा था। दूसरी तरफ छात्र-छात्राओं ने मनचाहे तरीके से रसोई का स्थान परिवर्तित करने पर नाराजगी जताई है।
इनका कहना है
जिन रसोईयों के संचालकों को जनवरी माह की पुनर्भरण राशि का भुगतान नहीं हुआ है, उनके बिलों में कोई कमी रही होगी। अभी तो इंदिरा रसोई प्रभारी व अकाउंटेंट छुट्टी पर चल रहे हैं, उनके आने पर मामले का दिखवाया जाएगा। कॉलेज की रसोई को सड़क किनारे परिवर्तित किया है, जिससे आम लोगों को लाभ मिल सके।
नरसी मीना, नोड़ल अधिकारी, इंदिरा रसोई, योजना व आयुक्त, नगरपरिषद, करौली