हिण्डौनसिटी. साधना कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़ चोर वारदात को अंजाम दे गए और पडोसियों को भनक तक नहीं लगी। मंगलवार दोपहर में जयपुर से लौटे चिकित्साकर्मी दम्पती को मुख्य द्वार का ताला टूट देख चोरी होने का पता चला। सूने घर से चोर एक लाख रुपए की नकदी व करीब 6 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण पार कर ले गए। मामले में पडित बिजेंद्र कुमार शर्मा ने नई मंडी थाने में चोरी की वारदात की प्राथमिकी दर्ज कराई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना कर पीडि़त दम्पती से घटना की जानकारी ली।
साधना कॉलोनी निवासी राजकीय चिकित्सालय के लैब टैक्नीशियन बिजेंद्र कुमार ने बताया कि शनिवार को वह सपरिवार छोटे भाई से मिलने जयपुर गया था। चार दिन बाद मंगलवार दोपहर जयपुर-बयाना ट्रेन से लौट घर पहुंचा तो घर मुख्य द्वार का ताला व सांकल टूटी दिखी। गेट खोल का अंदर देखा तो सभी तीन कमरों के गेट खुले होने के साथ सामान बिखरा पड़ा था। चोर बक्से का ताला तोड़ कर उसमें रखे एक लाख रुपए नकद और सोने की चैन, चूडी सेट, नथ, टीका, दो अंगूठी, कुण्डल, मंंगल सूत्र, झुमकी, चांदी का पायजेब व पायल को चुरा ले गए। चोरी हुए आभूषणों की कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई गई है।
चोरों ने खंगाला पूरा घर-
चिकित्साकर्मी दम्पती विजेंद्र व रीना शर्मा ने बताया कि चार दिन तक बाहर रहने से चोरी किस दिन हुई इसका पता नहीं है। वारदात के दौरान चोरों सूने घर के चप्पे-चप्पते को खंगाल डाला। बक्स के अलावा , डबल बैड, बेटी के स्कूल बैग, रसोई घर और हर कमरे की आलमारियों में रखे सामान के फर्श पर बिखेर दिया। चोर नकदी के साथ रेजगारी को भी ले गए। छत पर कीमती सामान तलाशने के लिए चोरों ने सीढियोंं का भी ताला तोड़ दिया।
पूर्व में ही हो चुकी है वारदात
पीडित दम्पती ने बताया कि कॉलोनी सघन मकान बने होने के बावजूद उनके घर में पूर्व में भी चोरी की वारदात हो चुकी है। कुछ माह पहले चोर बाइक के पहिए को चुरा ले गया। बाद में भी कई वार चोरी के प्रयास हुए हैं। ऐसे में मंगलवार को पीडित ने चोरी की आशंका होने पर स्वयं के प्रवेश करने से पहले पुलिस को मौके पर बुलवा लिया।
दो दिन पहले मंदिर चोरी का प्रयास-
शहर में चोरों के फिर से सक्रिय होने से लोग परेशान है। तीन दिन पहले चोरों ने पीलिया की कोठी स्थित नर्वदेश्वर महादेव मंंदिर में चोरी का प्रयास हुआ था। मंदिर के महंत वेदप्रकाश तिवाडी ने बताया कि चोरों नेधूना से त्रिशूल को उखाड़ कर ताला तोडऩे की कोशिश की थी। लेकिन सफल नहीं हो सका। सुबह मंदिर के दरबाजे के कुण्दे पर त्रिशूल अटका देख घटना का पता चला।