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एएसपी के लिए दफ्तर ना सरकारी घर, डीएसपी कार्यालय में बैठ निपटा रहे काम

गत वर्ष राज्य बजट में एएसपी कार्यालय की मिली थी सौगात

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एएसपी के लिए दफ्तर ना सरकारी घर, डीएसपी कार्यालय में बैठ निपटा रहे काम

हिण्डौनसिटी. कैलाश नगर में एएसपी कार्यालय के लिए आवंटित भूमि।


हिण्डौनसिटी. बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने की मंशा से उपखण्ड मुख्यालय पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का पद सृजित कर पदस्थापन्न तो कर दिया गया, लेकिन एएसपी के लिए सरकारी आवास और कार्यालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है। मजबूरन एएसपी राकेश कुमार बैरवा को डीएसपी कार्यालय में बैठकर सरकारी कामकाज निपटाना पड़ रहा है। जबकि मंडावरा रोड़ पर कैलाशनगर में अम्बेडकर छात्रावास के सामने करीब डेढ़ दशक से अधिक समय पहले सरकारी की ओर से स्वीकृत की गई एएसपी कार्यालय और आवास की भूमि बेकार पड़ी हुई है।
हालांकि जिला स्तर से हिण्डौन के एएसपी के कार्यालय के लिए रीको औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बैंक शाखा परिसर में स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजे जा चुके हैं, लेकिन उच्चाधिकारियों की ओर से उचित पैरवी नहीं किए जाने से एएसपी कार्यालय के लिए स्थान की तलाश एक साल से अधिक समय से अधूरी है। बड़ी बात यह है कि डीएसपी कार्यालय के जिस कक्ष में वृताधिकारी बैठते हैं, उसी कक्ष में एएसपी भी बैठते हैं। दोनों अधिकारी तो जैसे तैसे सामंजस्य बिठाकर कामकाज निपटा लेते है, लेकिन एएसपी के गनमैन और ड्राईवर के अलावा अन्य स्टॉफ को बैठने के लिए जगह तक नहीं मिल पाती, जिससे वे कभी इधर कभी उधर घूमकर समय बिताते हैं। उल्लेखनीय है कि एएसपी राकेश बैरवा से पहले इस पद पर पदस्थापित रहे सिद्धान्त शर्मा ने भी कार्यालय के लिए भवन आवंटन कराने के खूब प्रयास किए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

इनका कहना है
एएसपी कार्यालय के लिए रीको में एक स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के लिए भेज रखे हैं, इस संबंध में हाल ही में फिर से मुख्यालय में बात हुई है। जल्द ही कार्यालय के लिए स्थान आवंटित होने की उम्मीद है।
राकेश कुमार बैरवा, एएसपी, हिण्डौनसिटी।