हिण्डौनसिटी. कृष्ण जन्माष्टमी पर बाजार कान्हा के जन्म की खुशहाली से गुलजार नजर आया। सुबह से देर शाम तक बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। खासतौर पर लड्डू गोपाल की दुकानों पर, जहां लोगों ने घरों में विराजित करने ठाकुरजी की प्रतिमाओं की खरीदारी की। पूजा-श्रंगार की सामग्री खरीदने के लिए देर शाम तक लोगों का तांता लगा रहा। जन्माष्टमी पर कान्हा की जन्म की पूजा के लिए शहर के लेकर गांवों तक करीब 500 घरों में लड्डू गोपालजी की प्रतिमाएं विराजित करने को खरीदी गई।
कृष्ण जन्माष्टमी पर पर सुबह से बाजार में लोगों खरीदारी के लिए आवक शुरू हो गई। शुभ मुहूर्त में लड्डू गोपाल की पीतल व अष्टधातु की प्रतिमा लेने के लिए दुकानों पर लोगों का तांता गया। रंग बिरंगी पोषाक व मोरपंख किलंगियों से सजी दुकानों पर त्योहारी भीड़ का सा नजारा बन गया। शीतला चौराहा केशव मार्ग पर लड्डू गोपाल की एक चार दुकानें होने से रास्ते में जाम की सी स्थिति बन गई। कटरा बाजार, कम्बलवाल मार्केट, जगदम्बा मार्केट वर्धमान नगर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित लड्डू गोपाल व पूजन सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। शाम तक लोग घरों में विराजित करने के लिए विभिन्न आकारों की प्रतिमाएं पसंद करते नगर आए। लड्डू गोपाल का प्रतिष्ठान संचालक अनिल गोयल व ज्योति प्रकाश कम्बलवाल ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में कृष्ण जन्म के बडे आयोजन होते हैं। साथ ही ब्रज परम्परा के अनुसार घरों में भी लल्ला (कान्हा) के जन्म पर लड्डू गोपालजी की पूजा की जाती है। जन्माष्टमी पर शहर की सभी दुकानों से विभिन्न आकारों की करीब 500 प्रतिमाओं की खरीदारी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार जन्माष्टमी पर गत वर्ष की तुलना में अच्छी खरीदारी हुई है।
श्रंगार सामग्री व सिंहासन-पालना खरीदे
जन्माष्टमी पर कृष्ण जन्मोत्सव की पूजा के लिए श्रृंगार सामग्री की खूब ब्रिकी हुई। साथ ही कन्हा की प्रतिमा को विराजित करने को सिंहासन व पालना भी खरीदे। इस दौरान महिलाओं ने कान्हा को सजाने के लिए पोशाक, पगड़ी, मुकुट बांसुरी, माला, कड़े आदि खरीदारी की।
फल और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़-
कृष्ण जन्माष्टमी पर शाकाहार से उपवास का पारणा करने का विधान होने से बाजार में फल और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़ रही। व्रतीक लोगों ने केला, सेव फलों के अलावा बिना अन्न की मावा, कूटू, सिंघाड़ा व साबूदाना से बनी मिठाईयां खरीदी।