हिण्डौनसिटी. उपखंड मुख्यालय पर कैलाशनगर स्थित जिले की एकमात्र अ श्रेणी की कृषि उपज मंडी बाजरा की नई फसल की आवक से गुलजार हो रही है। मंडी में इन दिनों किसान करीब 20 से 25 हजार कट्टा बाजरा बेचान के लिए लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी यार्ड के तीनों ब्लॉक बाजरा की ढेरी और कट्टों से अटे पड़े हैं। दिनभर किसान, व्यापारी और पल्लेदारों की आवाजाही से मंडी में मेले जैसा माहौल बना हुआ है। व्यापारियों की मानें तो आने वाले करीब एक माह तक बाजरा की बम्पर आवक की उम्मीद है। बाजरा, तिल व अन्य कृषि जिंसों की आवक से व्यापारी इन दिनों कारोबारी खरीद-फरोख्त में व्यस्त हैं। रात तक तुलाई और लदान होने के चलते पल्लेदारों को भी खूब काम मिल रहा है।
मंडी सूत्रों के अनुसार सितम्बर माह के दूसरे पखवाड़े में 15 तारीख को नए बाजरा की आवक शुरू हो गई। शुरूआत में एक सप्ताह तक धीमी आवक रहीं, लेकिन दूसरे सप्ताह में बाजरा की आवक में बढ़ोतरी होना शुरू हो गया। क्षेत्र में अधिकांशत: फसल कटाई का काम पूरा होने से सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में मंडी के बाजरा की दैनिक आवक 30 हजार कट्टों तक पहुंच गई।
आगामी माह में त्योहारी और शादी-विवाह का सीजन होने से किसान खेत-खलिहानों से बाजरा की फसल समेट कर बेचान के लिए कृषि मंडी लेकर आ रहे हैं। हाल ही में बाजरा के भावों में बढ़ोतरी होने से भी किसान उत्साहित है। मंगलवार को बाजरा के भाव 1925 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल रहे। जबकि सीजन की शुरुआत में भाव 1700 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल था।
अब तक ढाई लाख कट्टों की आवक :
कृषि उपज मंडी सूत्रों के अनुसार 10 अक्टूबर तक मण्डी में करीब 2.50 लाख से अधिक कट्टों की आवक हो चुकी है। बाजरा की बम्पर आवक का दौर आगामी 20 दिन यानी 30 अक्टूबर तक रहेगा। 15 से 30 सितम्बर 1.60 लाख व एक से 10 अक्टूबर तक करीब 95 हजार कट्टे की आवक हुई है।
गत वर्ष जल्दी हुई थी आवक : मंडी सूत्रों के अनुसार गत वर्ष बाजरा की जल्दी आवक शुरू हो गई थी। मौसम विभाग के बारिश के पूर्वानुमान से शुरुआत में ही फसल कटाई में तेजी आने से 8 सितम्बर से ही नया बाजरा मंडी में आ गया। गत वर्ष मंडी में सीजन में 3.70 लाख कट्टा बाजरा की आवक हुई थी।
आवक बढ़ गई है
मंडी में बाजरे की अच्छी आवक हो रही है। हर रोज किसान करीब 20 हजार कट्टे बेचान को ला रहे हैं। 30 अक्टूबर तक बाजरा की आवक जारी रहने उम्मीद है।
राजेश कर्दम, सचिव कृषि उपज मंडी समिति, हिण्डौनसिटी।
1.39 लाख हैक्टेयर में हुई थी बाजरे की बुवाई
कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार करौली जिले में इस बार 1 लाख 39 हजार हैक्टेयर में बाजरे की बुवाई की गई थी। इसमें हिण्डौन, करौली, सपोटरा, मंडरायल, मासलपुर, टोडाभीम व नादौती में बारिश और वातावरण अनुकूल रहने से बाजरा की अच्छी पैदावार हुई है। कृषि विभाग केे संयुक्त निदेशक वीडी शर्मा ने बताया कि हाल ही में बाजरा की कटाई पूरी हुई है। उपज का आंकलन कराया जा रहा है।