हिण्डौनसिटी. जिले का पहला नेत्र शल्य चिकित्सा कक्ष (ऑपरेशन थियेटर) के बंद होने प्रति माह होने वाले आंखों के ऑपरेशन लंबित हो रहे हैं। हिण्डौन चिकित्सालय में सामान्य तौर पर हर माह 50-60 नेत्र ऑपरेशन होते हैं। अक्टूबर माह से मोतियाबिंद ऑपरेशन का सीजन शुरू होने से यह आंकड़ा 100 को पार कर जाता है। लेकिन वर्ष थियेटर में सीलन से इंफेक्शन के डर से सीजन का शुरुआती एक पखबाड़ा बीतने के बाद नेत्र ऑपरेशनों की शुरुआत नहीं हो सकी है। करीब दो दशक पहले राज्य सरकार ने वर्ष 2001 में हिण्डौन राजकीय चिकित्सालय में नेत्र इकाई व शल्य चिकित्सा कक्ष स्थापित स्थापित किया था। जिससे डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुसार रोगियों की आंखों के सुरक्षित और संरक्षित नेत्र ऑपरेशन हो सके। इसे पहले अंधता निवारण के तहत एनजीओ के माध्यम से लगने वाले शिविरों में आयोजन स्थल पर एक कक्ष को विसंक्रमित ऑपरेशन थियेटर बनाया जाता था। चिकित्सालय की नेत्र इकाई में क्षेत्र में विभिन्न संगठनों की ओर से लगाए नेत्र चिकित्सा शिविरों के जरिए अब तक 10 हजार से अधिक मोतियाबिंद व अन्य नेत्र रोगों के ऑपरेशन हो चुके हैं।
उस दौरान चिकित्सालय में नेत्र रोग विशेषज्ञ पद स्थापित नहीं होने से चिकित्सा विभाग की अनुमति से ऑपरेशन के लिए बाहर से चिकित्सक बुलवाए जाते थे। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्थापन के बाद नेत्र इकाई का नियमित संचालन शुरू हुआ था। चिकित्सकों के अनुसार दो दशक में पहली बार नेत्र इकाई का ऑपरेशन कक्ष सीलन की वजह से बंद करना पड़ा है।
अक्टूबर में होते सर्वाधिक ऑपरेशन:
नेत्र विभाग के चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों की शुरुआत में अक्टूबर से शुरू हो मार्च तक मोतियाबिंद के ऑपरेशन अधिक होते हैं। अक्टूबर और मार्च माह में सामान्य मौसम रहने से ज्यादा नेत्र ऑपरेशन होते हैं।
बाहरी शिविरों के भी होते हैं ऑपरेशननेत्र चिकित्सा इकाई में ओपीडी में जिला चिकित्सालय की ओपीडी में चयनित नेत्र रोगियों के अलावा बाहरी शिविरों के रोगियों के ऑपरेशन भी होते हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार जिला अंधता निवारण के तहत मार्च माह में अभय विद्या मंदिर के नेत्र शिविर के ऑपरेशनों के लिए थियेटर उपलब्ध कराया जाता है। जिसमें तीन दिन में करीब 250—300 नेत्र ऑपरेशन होते हैं।
करीब दो दशक पहले राज्य सरकार ने वर्ष 2001 में हिण्डौन राजकीय चिकित्सालय में नेत्र इकाई व शल्य चिकित्सा कक्ष स्थापित की थी। जिससे डब्ल्यूएचओ मानकों के अनुसार रोगियों की आंखों के सुरक्षित और संरक्षित नेत्र ऑपरेशन हो सके।
फैक्ट फाइल
वर्ष नेत्र ऑपरेशन
2018-19 300
2019-20 245
2020-21 500
2021-22 615
2022-23 845
2023-24 100 (मई माह तक )
इनका कहना है
सीलन से खराब हुए नेत्र ऑपरेशन के कक्ष का मेंटीनेंस कराया जा रहा है। चिकित्सकीय मानकों पर बैक्टिरिया कल्चर की जांच के बाद थियेटर को नेत्र ऑपरेशन के लिए खोला जाएगा।
डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता, पीएमओ, जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी