
Karauli News : पर्यटन की विपुल संभावनाओं को अपने आंचल में समेटे करौली में ईको ट्यूरिज्म के तहत लवकुश वाटिका विकसित की गई है। इस लवकुश वाटिका के जरिए आमजन प्रकृति से रू-ब-रू हो सकेंगे। साथ ही लोगों को जिला मुख्यालय पर घूमने-फिरने और बच्चों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। वन विभाग की ओर से यहां मण्डरायल मार्ग पर रणगमां तालाब के समीप लवकुश वाटिका तैयार की गई है, जिसमें लगभग सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जल्द ही लवकुश वाटिका का उद्घाटन होने की भी उम्मीद है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2022-23 के मुख्यमंत्री बजट घोषणा में प्रदेश में ईको ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में ईको ट्यूरिज्म लवकुश वाटिका विकसित करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत करौली में रणगमां तालाब के समीप लवकुश वाटिका विकसित की गई है। विभाग का मानना है, कि लवकुश वाटिका के विकसित होने से न केवल वन एवं वृक्षों के संरक्षण के लिए जनचेतना जागृत होगी, बल्कि लोगों को प्रकृति से रू-ब-रू होने का अवसर मिलने के साथ करौली में एक पर्यटन स्थल भी विकसित हो सकेगा।
बना प्रकृति पथ और लगाई ईको फ्रेंडली हट
वन विभाग सूत्रों के अनुसार लवकुश वाटिका में 6 फीट ऊंचाई की करीब 800 मीटर की चारदीवारी का निर्माण कराया गया है। वहीं रास्तों की मरम्मत के साथ प्रकृति पथ बनाया गया है। इसमें तीन प्लेटफार्म बनाए गए हैं, जिनमें दो बड़े और एक छोटा प्लेटफार्म है। इन प्लेटफार्म पर बैठकर लोग योगा कर सकेंगे साथ ही प्लेटफार्म को सैल्फी प्वाइंट का भी लुक दिया गया है। इसके साथ ही 110 रनिंग मीटर में ट्रेक का निर्माण भी कराया गया है। करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में अलग-अलग ट्रेक बनवाए गए हैं। इनमें एक्यूप्रेशर ट्रेक, इको ट्रायल ट्रेक का निर्माण हुआ है। ट्रेक के दोनों तरफ 500 मीटर में कर्व का निर्माण कराया गया है। वहीं बारिश के दौरान मिट्टी कटाव को रोकने के लिए एक स्ट्रेक्चर का निर्माण कराने के साथ तीन लूज स्टोन चेक डेम्प बनाए गए हैं, जो भी मिट्टी का कटाव रोकने का कार्य करेंगे। जिस स्थान पर ज्यादा कटाव की संभावना रहती है, वहां पत्थरों से खरंजा भी कराया है। साथ ही ढलान क्षेत्र में सीढ़ीनुमा स्टेज का निर्माण हुआ है। वहीं वाटिका में दो तलाइयों का निर्माण कराने के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले आदि लगाए गए हैं। इनके अलावा वॉलीबॉल ग्राउंड भी तैयार किया गया है।
औषधियों और सुगंधित पुष्पों से महकेगी वाटिका
लवकुश वाटिका को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग की ओर से 11 हजार से अधिक पौधे भी लगाए गए हैं, जिनमें विभिन्न किस्मों के पौधे शामिल हैं। छायादार, फलदार पौधों के अलावा औषधिय पौधे भी वाटिका में रोपे गए हैं। पर्यटकों को बैठने के लिए बैंच लगवाने के साथ पानी के प्रबंध भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत रणगमां तालाब के समीप लवकुश वाटिका विकसित की गई है। वाटिका में प्रस्तावित सभी कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। उच्च स्तर से जल्द ही वाटिका के उद्घाटन का कार्यक्रम तय होने की उम्मीद है।
लखन सिंह, उपवन संरक्षक, (डीएफओ), करौली
निर्धारित कार्ययोजना के तहत लवकुश वाटिका में लगभग सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वाटिका विकसित होने से लोगों को घूमने-फिरने के लिए एक नई जगह मिलेगी और लोग वाटिका को देख पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी प्रेरित होंगे।
विक्रमसिंह मीना, क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रथम, करौली
स्लोगन से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लवकुश वाटिका की चारदीवारी सहित अन्य स्थानों पर पेटिंग एवं आकर्षक डिजाइनिंग का कार्य कराया गया है। चारदीवारी पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित स्लोगन लिखवाए गए हैं।
Published on:
21 Feb 2024 02:34 pm
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