हिण्डौनसिटी. चंद दिन की राहत के बाद पारे के शून्य से नीचे उतरने से क्षेत्र में फिर से कड़ाके की ठण्ड शुरू हो गई। एक पखबाड़े में पारे में तीसरी बार बड़ी गिरावट हुई है। तापमान के माइनस में जाने से परवान चढ़ी सर्दी में शीतलहर चलने से माहौल गलन भरा हो गया है। सोमवार को गांव एकोरासी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान -1.4 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा है।
लगातार चौथे दिन तापमान में आई गिरावट से रविवार रात के सबसे सर्द रहीे। तापमान तीन दिन में पहलेे साढ़े पांच और फिर एक दिन में 6 डिग्री सेल्सियस कम होने शून्य से करीब डेढ़ डिग्री नीचे पहुंच गया। इससे सोमवार तड़के लगातार दूसरे दिन पाला पड़ा। सुबह खेतों में किसान पहुंचे तो खुले में रखे चारे और फसल के पौधों पर बर्फ की मानिद सफेद नजर आई। पाले से खेतों में पकने के कगार पर पहुंची सरसों की फसल में नुकसान दिखने लगा है। गांव बझेड़ा के किसान लोकेश मीणा, बाईजट्ट के राजवीर सिंह व ढिंढोरा के रमेश चंद्र शर्मा ने बताया किया पाले की गलन से सरसों के दानों के फलियों से बाहर निकलने से फसल में नुकसान हुआ है। वहीं गेहूं व चना की फसल के लिए सर्दी के फायदेमंद बताया जा रहा है। उपखण्ड के लीलौटी, लबुरी का पुरा, सिंघान, कारवाड़, देदरौली, मनीराम पुरा, दांत का पुरा, नीमन का पुरा, भंगो, राजा पुरा, अटक, घुसेटी, दुघाटी, तथा सूरौठ क्षेत्र के एकोरासी, जटनंगला, बाइजट्ट, ढिंढोरा सहित अनेक गांवों में पाला पड़ा। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसस वैज्ञानिक डॉ. एमके नायक ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आगामी के तीन-चार दिन तापमान में गिरावट रहने से शीतलहर के साथ सर्दी का जोर रहेगा। इसके लिए उन्होंने किसानों और पशुपालकों को विभाग की ओर से पूर्व में जारी सलाह में बताए उपाय अपनाने को कहा है।
सूरौठ. सूरौठ तहसील क्षेत्र में विगत 3 दिनों से पड रहे पाले से सरसों की फसल में हो रहने नुकसान से किसानों की उम्मीदें ठिठुर गई हैं। किसानों ने जिला कलक्टर से तहसील क्षेत्र में पाले से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। पाला पडऩे से जटवाड़ा, सोमला, सोमली, भुकरावली, बाई जट्ट, धुरसी, बिजयपुरा, बेरखेड़ा आदि गांवों में सरसों की फसल पर सफेद परत जमी रही।
दिन में धूप से राहत, रात में कड़ाके की ठण्ड
आसमान के साफ रहने से खुली धूप से लोगों को दिन में सर्दी से राहत रही। हालांकि छाया वाले स्थान और वाहनों में गलन भरी सर्दी ने लोगों को ठिठुरा दिया। सर्दी से बचाव के लिए लोग दिनभर धूप सेंकते नजर आए। वहीं सुबह-शाम अलाव और हीटरों के सहारे जाड़े से राहत का जतन करते दिखे। ठण्डी हवाएं चलने से धूप में भी लोग गर्म कपड़ों में नजर आए।
सर्दी का तीसरा दौर-
सर्दी के सीजन में तापमान में गिरावट के लिहाज से महज 22 दिन में कड़ाके की ठण्ड का यह तीसरा दौर बताया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शीतकालीन अवकाश से पूर्व सामान्य सर्दी थी। 24 दिसम्बर को 0.7 और 26 दिसम्बर को 0.5 डिग्री सेल्सियस तक पारा गिरने से जाड़े ने जोर पकड़ लिया। कुछ दिन ऊपर चढ़ा पारा 4 जनवरी को 2.2 और 5 जनवरी को 1.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। एक सप्ताह के कोहरेे के दौर के बाद 13 जनवरी से शुरू हुआ पारे का गिरना सोमवार को शून्य के 1.4 डिग्री नीचे पहुंच गया।