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बंध बारेठा अभयारण में शामिल करने का विरोध

बंध बारेठा अभयारण में शामिल करने का विरोध महापंचायत में आए हजारों लोग करौली जिले में मासलपुर वन क्षेत्र को बंध बारेठा वन्य जीव अभयारण्य में शामिल करने का विरोध जारी है। बुधवार को क्षेत्र के सकरघटा गांव में मां चामुण्डा देवी के मंदिर के सामने सर्व समाज की महापंचायत हुई। इसमें कई गांवों के हजारों लोग शामिल हुए। महासभा में चारों वनखण्डक्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग का असहयोग करने, वन विभाग का चौकीदार नहीं बनने, मजदूरी नहीं करने टै्रक्टर व जेसीबी नहंी चलाने का निर्णय लिया गया।

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बंध बारेठा अभयारण में शामिल करने का विरोध

बंध बारेठा अभयारण में शामिल करने का विरोध

बंध बारेठा अभयारण में शामिल करने का विरोध

महापंचायत में आए हजारों लोग

करौली जिले में मासलपुर वन क्षेत्र को बंध बारेठा वन्य जीव अभयारण्य में शामिल करने का विरोध जारी है। बुधवार को क्षेत्र के सकरघटा गांव में मां चामुण्डा देवी के मंदिर के सामने सर्व समाज की महापंचायत हुई। इसमें कई गांवों के हजारों लोग शामिल हुए। महासभा में चारों वनखण्डक्षेत्र के ग्रामीणों ने वन विभाग का असहयोग करने, वन विभाग का चौकीदार नहीं बनने, मजदूरी नहीं करने टै्रक्टर व जेसीबी नहंी चलाने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने मासलपुर वन क्षेत्र के चार वनखण्डों को बांघ बारेठा वन्य जीव अभयारण्य में सम्मिलित करने को लेकर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार से मासलपुर वनक्षेत्र के चार वनखण्डों को शामिल करने के निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए लोगों से एकजुटता की अपील की।

125 गांवों का होगा विस्थापन

महापंचायत में गुर्जर नेता विजय सिंह बैसला ने कहा कि वन्य जीव अभयारण्य बनने से 125 गांवों के लोगों के जीवन पर असर पड़ेगा। लोगों को अपना घर, जमीन सब कुछ छोड़कर विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वन्य जीव अभयारण्य बनने से क्षेत्र ब्लैक लिस्ट में आ जाएगा। मामूली मुआवजा देकर लोगों को घर और जमीन से बेदखल किया जाएगा।

नहीं मिलेगा कोई फायदा

बैसला ने कहा कि वन्य जीव अभयारण्य बनने से किसी भी सरकारी लाभकारी योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। बिजली नहीं मिलेगी। पानी का संकट झेलना पड़ेगा। उन्होंने सवाईमाधोपुर के कठोरी गांव के लोगों के जीवनयापन की चर्चा करते कहा कि वहां के लोगों को विस्थापित कर आनंदीपुरा गांव बसाया गया। बरसों बाद भी लोग अस्थाई घरों में रह रहे हैं। ग्रामीणों को संघर्ष के लिए एकजुट होने की जरूरत है। अशोक सिंह धाबाई ने कहा कि हमें लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा।

इन्होंनेे किया सम्बोधित

महापंचायत में पूर्व विधायक दर्शनसिंह गुर्जर, अनीता मीणा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शरदो गुर्जर, धीरेन्द्र बैंसला, पूर्व उप प्रधन सियाराम गुर्जर, हाकिम सिंह, प्रहलाद खटाना सहित एक दर्जन वक्ताओं ने सम्बोधित किया। गौरतलब है, कि बांध वारैठा वन्य जीव अभयारण्य में से बयाना व रूपवास वन क्षेत्र को हटा कर मासलपुर वन क्षेत्र के पहाड़ ताली, मेवला, बांसवाड़ी, जमूरा, व टिमकोली वन क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों रोष है।