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कुत्ते का पीछा करते घर में घुसा पैंथर,खाट लगा कर कमरे में किया बंद

हिण्डौनसिटी. सूरौठ थाना क्षेत्र के डांग इलाके के गांव कोटापुरा में रात में रात को श्वान का पीछा करते पैंथर एक घर में घुस गया। इस घर मे रह रहे लोगों सहित ग्रामीणों मेंं दशहत हो गई। एक युवक ने तत्परता से दरवाजे पर खाट लगाकर पेंथर को कमरे में बंद का दिया। पेंथर रात […]

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हिण्डौनसिटी. सूरौठ थाना क्षेत्र के डांग इलाके के गांव कोटापुरा में रात में रात को श्वान का पीछा करते पैंथर एक घर में घुस गया। इस घर मे रह रहे लोगों सहित ग्रामीणों मेंं दशहत हो गई। एक युवक ने तत्परता से दरवाजे पर खाट लगाकर पेंथर को कमरे में बंद का दिया। पेंथर रात भर कमरे में ताक पर बैठा रहा। और ग्रामीणों की डर के साये में रात बसर हुई। दूसरे दिन सुबह कैलादेवी अभयारण्य व हिण्डौन वन विभाग की टीम पेंथर को रेस्क्यू किया। घर में पेंथर घुसने की सूचना पर सूरौठ थाना पुलिस भी पहुंच गई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव कोटापुरा गांव में शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक पैंथर शिकार के लिए श्वान के पीछे भागते हुए शीशराम के घर के एक कमरे में घुस गया। इससे कमरे में व बाहर चबूतरों व बिछी खाटों पर सोने की तैयारी कर रहे परिजनों में हडक़म्प मच गया। इस बीच मौके पर मौजूद सेना से छुट्टी आए सैनिक देशराज गुर्जर ने तत्परता से किवाड़ रहित दरबाजे को खाट लगाकर पैंथर को कमरे में बंद कर दिया। साथी अन्य लोगों ने खाट के आगे पत्थर की पट्टियां व लगाकर गेट को बंद कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर सूरौठ थाना प्रभारी महेश चंद मीना मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे। साथ ही उप वन संरक्षक सुमित बंसल के नेतृत्व में हिंडौन रेंज वन विभाग और कैलादेवी अभयारण्य की टीम भी मौके पर आ गई। रात में अंधेरे के चलते पैंथर का रेस्क्यू नहीं हो सका। सुबह करीब 6 बजे वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पैंथर को पिंजरे में बंद किया। जहां से उसे वनकर्मी कैलादेवी अभयारण्य ले गए। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रात भर गुर्राता रहा, खाट को भी लगाया धक्का
पैथर रात भर कमरे में ताक पर बैठा गुर्राता रहा, और गांव के लोग बाहर आने से आशंकित रहे। हर शख्स की नजर उसी कमरे पर टिकी थी, जहां पैंथर बंद था। उप वन संरक्षक सुमित बंसल की अगुवाई में हिंडौन रेंज और कैलादेवी अभयारण्य की वन विभाग की टीम भी रात को ही गांव में डेरा डाले रही। सूरौठ थाना अधिकारी ने बताया कि रात में कई बार पैंथर ने ताक से उतर बाहर निकलने के प्रयास में खाट धक्के भी मारे।

गुस्साया पैंथर, पल्लियों से ढका पिंजरा
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह रेस्क्यू के दौरान पिंजरे में आया पैंथर गुस्से में नजर आया। वह पिंजरे के अंदर से ही लोगों पर झपटने का प्रयास कर रहा था। ऐसे में वनकर्मियों ने पिंजरे को दरी और पल्लियों से ढक दिया। वनकर्मियों ने बताया के पेंथर में रास्ता पहचान करने तीव्र क्षमता होती है। ऐसे में पिंजरे को ढक बंद ट्रक में ले जाया जाता है।