रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को जल्द ही लिफ्ट के जरिए एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने की सुविधा मिल सकेगी। निर्माण एजेंसी की ओर से लिफ्ट चेंबर में मशीन फिटिंग करने का कार्य शुरू किया है। निर्धारित अवधि से चार गुना विलंब से हो रहे लिफ्ट लगाने के कार्य की एक माह में पूरा होने की उम्मीद है। इससे बुजुर्ग, दिव्यांग व बीमार यात्रियों को फुटओवर ब्रिज की सीढिय़ां चढऩे की समस्या से राहत मिलेगी।
रेलवे ने दो साल पहले 2022 में रेल यात्रियों के लिए सुविधा उन्नयन के तहत हिण्डौन रेल स्टेशन पर दो लिफ्ट स्वीकृत की थी। जिससे बुजुर्ग व दिव्यांग यात्री लिफ्ट के जरिए सहजता से एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आवाजाही कर सकें। इसके तहत पश्चिम मध्य रेलवे जोन जबलपुर से सर्वे और डिजायन के अनुमोदन के बाद छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए श्रीजीकृपा प्रोजेक्ट कम्पनी को प्लेटफार्म क्रमांक एक व दो पर एक-एक लिफ्ट लगाने के लिए करीब 90 लाख रुपए की लागत के कार्यादेश दिए गए। इसके तहत गत वर्ष फरवरी माह के पहले सप्ताह में प्लेटफार्र्म एक और दो पर लिफ्ट लगाने के लिए निर्माण(सिविल) कार्य शुरू किया गया। उस दौरान लिफ्ट लगाने के कार्य की दो माह की अवधि तय की गई। लेकिन धीमी गति और कार्य के बार बार बंद होने से लिफ्ट के चैम्बर बनाने का कार्य आठ माह में पूरा हो सका है। कम्पनी के प्रोजेक्ट प्रभारी ने बताया कि चैम्बरों में विद्युत फिटिंग कार्य कर लिफ्ट मशीन का इंस्टॉल किया जाएगा। गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन पर ठहराव करने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनों से 4 हजार से अधिक यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे में दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों ने पटरी पार कर प्लेटफार्म क्रमांक 2 व कोटा से आने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म एक पर आना पड़ता है।
15 यात्री क्षमता की होगी लिफ्ट-
रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन पर दोनों प्लेटफार्म पर एक-एक लिफ्ट लगाई जा रही है। लिफ्ट के ऊपरी द्वार को मौजूदा फुट ओवर ब्रिज से सम्बद्ध किया है। लिफ्ट की क्षमता 1020 किलोग्राम की होगी। यानी लिफ्ट में एक साथ 15 यात्री आवाजाही कर सकेंगे। ग्राउड फ्लोर व पहली मंजिल श्रेणी की लिफ्ट यात्रियों को 20 फीट ऊंचाई पर ले जाएगी व नीचे लाएगी।
पॉवर कट में भी नहीं रुकेगी लिफ्ट
कम्पनी के प्राजेक्ट प्रभारी ने बताया कि अचानक बिजली गुल होने पर लिफ्ट बीच में नहीं रुकेगी। आधुनिक तकनीक की लिफ्ट में यूपीएस सिस्टम लगा होने से लिफ्ट अंतिम कमांड ऑपरेशन के गंतव्य पर गेट खुलेगा। इससे यात्रियों के बीच में फंसने की आशंका नहीं रहेगी। 5 वर्ष तक कम्पनी लिफ्ट का रखरखाब करेगी।
कोटा मंडल के चार स्टेशनों पर चल रहा कार्य
रेलवे सूूत्रों के अनुुसार कोटा मंंडल के चार रेलवे स्टेशनों पर 3.63 करोड़ रुपए की लागत से लिफ्ट का कार्य किया जा रहा है। कम्पनी प्रतिनिधि ने बताया कि रामगंज मंड में लिफ्ट का कार्य पूरा हो चुका है। जबकि हिण्डौन, सवाईमाधोपुर व भरतपुर में आगामी माह में कार्य पूरा होगा।
इनका कहना है-
रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए चैम्बरों में विद्युत फिटिंग का कार्य किया जा रहा है। जल्दी ही मशीन इंस्टालेशन किया जाएगा। एक माह में यात्रियों को लिफ्ट की सुविधा मिल सकेगी।
तौसिफ गौर, प्रोजेक्ट प्रभारी
श्रीजीकृपा प्रोजेक्ट लि. रायपुर, छत्तीसगढ़