
करौली में लोग इसलिए हो रहे हैं पसीने-पसीने...पढ़ें पूरी खबर
करौली. गर्मी के दौर में इलाके में बिजली तंत्र डगमगा रहा है। चरमराती बिजली आपूर्ति व्यवस्था आमजन के पसीने छुड़ा रही है। जिला मुख्यालय पर ही विद्युत निगम अधिकारी-कर्मचारियों को बिजली की निर्बाध आपूर्ति कर पाना चुनौतीभरा साबित हो रहा है।
उमसभरी गर्मी के दौर के बीच बिजली तंत्र के बीमार होने से आमजन दुखी है और उनमें विद्युत निगम की कार्यशैली के खिलाफ रोष भी है। स्थिति यह हो गई है कि लगभग नियमित रूप से शहर के किसी ना किसी इलाके की घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप होने आम बात हो गई है। लेकिन निगम के कार्मिक-अभियंता बिगड़ती व्यवस्था को संभाल नहीं पा रहे।
नतीजतन लोगों को परेशानी झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। कमोबेश यही स्थिति ग्रामीण इलाकों में बनी हुई है। हालांकि निगम सूत्र बताते हैं कि 132 केवी जीएसएस स्टेशन से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में कोई कमी नहीं है, वहां से करौली शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के फीडरों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है, लेकिन फीडरों से निकल रही बिजली पूरी तरह से घरों तक नहीं पहुंच रही।
बढ़ रहा लोड
निगम सूत्रों के अनुसार गर्मी के दौर में कूलर-पंखें, एसी के चलने के साथ अवैध कनेक्शनों की भरमार के चलते ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ गया है। इससे ट्रांसफॉमर हांफने लगे हैं। गत दिनों ही होली खिड़किया इलाके में अधिक लोड के कारण ट्रांसफॉर्मर जल गया।
ऐसे में निगम को 100 केवी के बजाए अब 160 केवी का ट्रांसफॉर्मर लगाना पड़ा है। आए दिन किसी ना किसी इलाके की केबल विशेषकर गांवों में टूट रही हैं, जिससे घण्टों तक बिजली आपूर्ति गुल रहती है।
लगाए नए ट्रांसफॉर्मर
गर्मी में ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ते लोड को नियंत्रित करने के लिए निगम ने पिछले दिनों में शहर में ही आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर नए ट्रांसफॉर्मर लगाए हैं। इनमें मधुवन विहार कॉलोनी, 132 केवी जीएसएस कॉलोनी में दो, जगदम्बा कॉलोनी, विवेकानन्द पार्क, सत्यवती विहार कॉलोनी, शिव कॉलोनी आदि में नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। इसके बाद भी विद्युत निगम की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि बिजली की अघोषित कटौती होने से ट्रान्सफार्मर स्थापित करनेे की सुविधा का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है।
गर्मी से परेशानी तो आ रही है
गर्मी के दौर के बीच ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढऩे से परेशानी तो हो रही है। शहर में नए ट्रांसफॉर्मर भी लगाए गए हैं। कार्मिक भी अपर्याप्त हैं। लेकिन बिजली बंद होने की जैसे ही सूचना मिलती है, एफआरटी टीम भेजकर दुरुस्त कराते हैं।
सीताराम मीना, कार्यवाहक सहायक अभियंता, करौली
Published on:
18 Jun 2019 11:34 am
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