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खेतोंं में हुआ फड़के का प्रजनन, पौधों पर चिपकी निम्फ

Phadka breeding in the fields, nymphs sticking to the plants बाजरा में लगा फड़का, फसल के चट कर रहा पत्ते

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खेतोंं में हुआ फड़के का प्रजनन, पौधों पर चिपकी निम्फ

खेतोंं में हुआ फड़के का प्रजनन, पौधों पर चिपकी निम्फ

श्रीमहावीरजी./हिण्डौनसिटी.
कस्बे व आसपास के क्षेत्र में बाजरे की फसल में फड़का कीट का प्रजजन का दौर चल रहा। खेतों में भारी मात्रा में पनपी निम्फ बाजरा के पौधों पर झुण्ड के रूप में चिपक गई हैं। निम्फोंं(फड़का का शिशु) द्वारा पौधों के पत्तों के चट करने से किसान फसल में नुकसान की आशंका से चिंतित हैं। वहीं कृषि विभाग की ओर से फड़का नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए हैं।


किसान अतर पटेल व भीम सिंह ने बताया कि फड़का कीट का प्रकोप दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। एक पौधे पर सौ से अधिक कीट लगे हुए हैं। जो बाजरे के पौधे की संपूर्ण पत्तियों चट कर रहे हैं। ऐसे में बाजरा के पौधे में महज तना ही बचा है। पत्तियों रहित बाजरों के पौधे में सिट्टे का विकास नहीं हो रहा है। इससे बाजरे की खेतों में खड़ी फसल पौधों के जवां होने से पहले ही नष्ट होने लगी है।

खरीफ की अन्य फसलों में भी लगा फडका-
किसान ईश्वर सिह,रूप सिंह व श्रीमन पटेल ने बताया कि बाजरा के अलावा खरीफ की अन्य फसलों को भी फड़का ने चपेट में ले लिया है। फड़का कीट से ज्वार, तिल आदि की फसल को भी नुकसान पहुंचा रहा है। सबसे अधिक नुकसान बाजरे की फसल में हो रहा है। फसल को बचाने के लिए अनेक तरह की कीट नाशक दवाइयां का उपयोग किया है, लेकिन बेसर साबित हुई। खेतों में फसल नष्ट होते देखकर किसानों को बाजरा व अन्य फसलों की अच्छी पैदावार की उम्मीद टूटती प्रतीत हो रही है। क्षेत्र में कम वर्षा की वजह से फसल में फड़का प्रकोप तेज गति से बढ़ रहा है।

अभी रोकथाम नहीं तो ज्यादा नुकसान-
कृषि पर्यवेक्षक तेजभान चौधरी ने बताया कि बाजरा फसल में फड़का कीट (ग्रास हॉपर) का प्रकोप शुरू हो गया है। फड़का अभी शिशु अवस्था बाजरा के पौधों की पत्तियों को खा रहा हैा। अभी फड़का कीट का प्रकोप खेतों के मेड क्षेत्र के पास बाहरी पौधों पर है। अगर इस समय नियंत्रण नहीं हुआ तो यह खेतों में अन्दर घुसकर काफी नुकसान पहुचा सकता है।

किसानों को सुझाए उपाय-
फड़का कीट नियंत्रण हेतु सभी कृषक सामूहिक रूप से खेतों की डोर-मेड़ों को साफ सुथरा रखें। शाम को प्रकाश का प्रयोग करें। अधिक प्रकोप होने पर क्यूनोलफोस 1.5 प्रतिशत दवा का मेंड़ो पर भुरकाव करें या साईपरमथ्रिन 10 प्रतिशत दवा को 2 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिडकाव करें।


ऐसे होता है कीट का प्रजनन
कृषि पर्यवेक्षक ने बताया कि मादा फड़का कीट जमीन के करीब 90 सेमी नीचे अण्डा देती है। जून,जुलाई और अगस्त के महीने में फड़का शिशु (निम्फ)अवस्था में अंडों से बाहर निकलकर पौधों पर आ जाता है। वयस्क होने पर यह उड़कर अन्य स्थानों पर पहुंच जाता है और फसलों को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय रहते किसानों ने इनकी ठीक से रोकथाम करने के उपाय़ नहीं किए तो व्यस्क फड़का तेजी से फसलों को नुकसान पहुंचाता है।