हिण्डौनसिटी. राजकीय चिकित्सालय में गंदगी और कचरे के ढेर ऑक्सीजन प्लांटों की मशीनरी पर भारी पड़ रहे हैं। एक पखबाड़े से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट मरम्मत के दो दिन बाद ही पस्त हो गया। मिट्टी की गर्द युक्त हवा से प्लांट का कम्प्रेशर ठप होने से अस्पताल में एक बार फिर बनना बंद हो गया है। जबकि अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट पहले से ही बंद पड़े हैं। ऐसे में वार्ड मेंं भर्ती रोगियों को सिलेण्डरों के जरिए मैनीफोल्ड यूनिट से प्राणवायु दी जा रही है।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार जिला नोडल अधिकारी एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराने पर नई दिल्ली की कम्पनी यूनेसी प्राइवेट लिमिटेड के इंजीनियरों की टीम ने 24 सिलेण्ड क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत की। 10 मई को सुचारू हुआ ऑक्सीजन प्लांट दो दिन चल कर 12 मई की रात को बंद हो गया। इससे जिला स्तरीय अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन ठप होने से करौली के निजी ऑक्सीजन प्लांट से सिलेण्डर मंगवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल ऑक्सीजन प्लांट यूनिट प्रभारी पिंटू जोगी ने बताया कि चिकित्सालय में स्थापित तीनों ऑक्सीजन प्लांट विदेशी कम्पनियों द्वारा स्थापित किए हैं। ऐसे में उपकरण व अन्य सामग्री की उपलब्धता सहज नहीं होने से कोविड काल में लगे ऑक्सीजन प्लांट कमोबेश सभी जगह कम्पनियों की ओर से वार्षिक मेंटीनेंस नहीं होने से बंद हो गए हैं। चिकित्सालय में लगे यूनेसी कम्पनी ऑक्सीजन प्लांट के कम्प्रेशर मशीन के लिए इंजीनियरों द्वारा विदेश के ऑयल मंगवाई गई है।
धूल युक्त हवा से मशीन पड़ता है लोड़-
ऑक्सीजन प्लांट प्रभारी ने बताया ऑक्सीजन प्लांट वातावरण की हवा को खींच कर फिल्टर कर शुद्ध ऑक्सीजन बनाता है। चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांटों के बाहर पुराने भवन के मलबे और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में धूल युक्त हवा खींचने से के प्लांट का कम्प्रेशर ओवरलोड हो जाते हैं। दो दिन पहले कम्पनी के इंजीनियरों ने मरम्मत किया कम्प्रेशर भी इसी के चलते खराब हो गया।
तीन में से एक प्लांट ही वारंटी अवधि में-
राजकीय चिकित्सालय में 100,75 और 24 सिलेण्डर क्षमता के तीन ऑक्सीजन प्लांट कोविड काल में स्थापित किए थे। शुरुआत में एक स्थापित100 और 75 सिलेण्डर क्षमता के प्लांट वारंटी अवधि पार कर चुके हैं। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार यूनेसी कम्पनी द्वारा लगया 24 सिलेण्डर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट की वारंटी अवधि में अभी एक वर्ष शेष है। ऐसे में मरम्मत के भारी भरकम बजट के चलते दो प्लांटों की सुध नहीं ली ला रही है।
इनका कहना है-
इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। वार्डों में भर्ती रोगियों को मैनीफोल्ड से ऑक्सीजन आपूर्ति दी जा रही है। प्लांटों के पास से कचरे के हटवा की सफाई कराई जाएगी।
पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता,पीएमओ
जिला चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी.