
विरोध में उतरे सरपंच... बोले- प्रशासन गांव के संग अभियान का करेंगे बहिष्कार
हिण्डौनसिटी.
प्रदेश की सरकार भले ही महात्मा गांधी की जयंती पर शनिवार से प्रशासन गांवों के संग अभियान की शुरुआत करने जा रही है, लेकिन गांव की सरकार के मुखिया यानि सरपंचों ने इस अभियान का बहिष्कार कर दिया है।
उपखण्ड मुख्यालय पर भी सरपंच संघ की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष भूदेव सिंह डागुर व उपाध्यक्ष पांची देवी के नेतृत्व में उपखण्ड क्षेत्र के सरपंचों ने मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी राजेन्द्र गुप्ता एवं नायब तहसीलदार एच के मीणा को ज्ञापन सौंपा। सरपंचों के इस कदम के बाद अभियान पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
प्रशासन गांवों के संग अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जहां पूरी ताकत झोंक रखी है, वहीं मांगें पूरी नहीं होने से नाराज उपखण्ड क्षेत्र के 60 सरपंचों ने इस अभियान के बहिष्कार का एलान कर दिया है। सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सरपंच संघ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के दर पर बार-बार चक्कर काट रहा है। लेकिन सरकार के अधिकारी हैं कि संघ की मांगों को लेकर गंभीर नहीं हैं।
जबकि 15 सितम्बर को 20 बिन्दुओं पर सहमति हो चुकी है। ऐसे मे सरपंचों ने निर्णय लिया है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान का सरपंच संघ द्वारा पूर्ण बहिष्कार करते हुए असहयोग किया जाएगा। शिविरों में ग्राम पंचायतों की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी।
करौली जिले में 243 सरपंच-
करौली जिले के 243 सरपंच है। प्रशासन गांव के संघ अभियान में सरपंच महत्वपूर्ण कड़ी होता है। पट्टे जारी करने, भूमि हस्तांतरण आदि कामों में सरपंच की जरूरत पड़ती है। यहां तक कि पंचायत स्तर पर आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के मामले में सरपंच महत्वपूर्ण कड़ी है। सरपंच संघ ने साफ कर दिया है कि प्रशासन गांव के संग अभियान का पूर्ण बहिष्कार करते हुए शिविरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं करेंगे। अगर फिर भी समझौता पत्र पर लिखित सहमति देकर मांगे नहीं मानी तो 10 अक्टूबर से पंचायत समिति मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना आरंभ किए जाएंगे।
पंचायत समिति -ग्राम पंचायत
हिण्डौन -39
करौली -32
मंडरायल- 24
मासलपुर -18
नादौती -30
सपोटरा- 36
श्रीमहावीरजी- 21
टोडाभीम- 43
Published on:
01 Oct 2021 11:41 pm
बड़ी खबरें
View Allकरौली
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
