गायन की वो शैली जिसमें गायक उछल कूद करते हुए गाते हैं गीत
करौली जिले में सावन के महीने में जहां एक ओर बृज भाषा की मल्हारों की गूंज सुनाई दे रही हैं वहीं गांवों में कन्हैया दंगल के आयोजन भी खूब हो रहे हैं। कन्हैया दंगल में धार्मिक कथाओं पर आधारित गीतों को क्षेत्रीय भाषा में गाया जाता है। मंडली गोल घेरा देकर बैठती है और मंडली के कुछ सदस्य जोश पूर्ण अंदाज में उछल-उछल कर गीतों का गायन करते हैं। गीत गायन की ये शैली देखते ही बनती है।
करौली जिले में रविवार को सपोटरा क्षेत्र के डाबरा गांव में तथा महावीरजी क्षेत्र के पटोन्दा पंचायत के गांव सनेटकापुरा में कन्हैया गीतों का आयोजन हुआ।
पटोदा पंचायत के गांव सनेटका पुरा में रविवार को कन्हैया गीत दंगल में करीब आधा दर्जन पार्टियों ने धार्मिक एवं पौराणिक ग्रन्थों पर आधारित रचना सुनाकर विभोर कर दिया।
आयोजन समिति के राजू लाल मेडिया ने बताया कि दंगल में मोहन पुरा गांवड़ी, कैमला, चौड़ की नारोली सहित करीब आधा दर्जन मंडलियों ने हिस्सा लिया। दंगल का आयोजन गाँव के मुख्य चौक में किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के मेडिय़ाओं का साफा पहनाकर स्वागत
किया गया।
इधर सपोटरा क्षेत्र में खेडला की झोंपडी में आमजन के सहयोग से आयोजित कन्हैया दंगल में गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
आयोजन में पहुंचे भाजपा नेता तथा सपोटरा प्रधान प्रतिनधि हंसराज मीना बालौती ने कन्हैया दंगल में शिरकत करते हुए ऐसे आयोजनों को भाईचारे के लिए जरूरी बताया। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर खेडला की झोंपडी में मन्दिर से मुख्य सड़क मार्ग तक प्रधान कोटे से सडक मार्ग निर्माण के लिए 10 लाख रुपए उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हंसराज मीना ने कहा कि वे इस बारे में अपनी प्रधान मां से आग्रह करेंगे। इस दौरान कार्यक्रम में गायकों ने रचनाओं के माध्यम से सामाजिक बुराइयां मिटाने पर जोर दिया।