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मिट्टी की सेहत सुधारेगी सूक्ष्म पोषक तत्व किट, प्रदेश में किट के लिए लक्ष्य आवंटित

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मिट्टी की सेहत सुधारेगी सूक्ष्म पोषक तत्व किट, प्रदेश में किट के लिए लक्ष्य आवंटित

करौली. प्रदेश के अधिकांश जिलों की मिट्टी में सूक्ष्म तत्वों की कमी पाई जा रही है। मिट्टी में जिंक, लोहा, बोरोन, मैग्नीज और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक की कमी के चलते ना केवल फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि इस मिट्टी से उपजने वाला खाद्यान्न भी पोषक तत्वों की कमी से जूझ रहा है। मिट्टी के बदलते इस मिजाज और उसकी कमजोरी को दूर कर मृदा की सेहत सुधारने के लिए मृदा को पोषक तत्वों की खुराक दी जाएगी।

इसके लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को 90 फीसदी तक अनुदान पर सूक्ष्म पोषक तत्व किट वितरित की जाएंगी। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।

मृदा कार्ड पर मिलेगी किट
प्रदेश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत प्रत्येक खेत के लिए मृदा परीक्षण के बाद कार्ड जारी हुआ है। इस कार्ड में पोषक तत्वों की सिफारिश अंकित की जाती है।

इस आधार पर कृषकों को सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता के अनुसार सूक्ष्म तत्वों की किट उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।

इच्छुक किसान स्थानीय कृषि विभाग को प्रार्थना पत्र पेश करेंगे, जिसमें कृषक एवं खातेदार का नाम व पता,फसल का नाम व क्षेत्रफल, जिसमें वांछित सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक-उर्वरकों का उपयोग किया जाएगा। कृषक द्वारा आवेदन पत्र के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड की प्रति भी लगाई जाएगी। इसके बाद कृषि अधिकारी संबंधित सहकारी समिति के नाम अभिसंशा करेंगे।

यह किट सभी श्रेणी के कृषकों को उपलब्ध कराई जाएगी। जिले में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के कृषकों की जनसंख्या के आधार पर तथा महिला कृषकों को प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाएगा।

यह मिलेगा अनुदान
सूक्ष्म पोषक तत्व किट की कुल लागत का 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इसमें अधिकतम राशि एक हजार प्रति किट प्रति हैक्टेयर, 10 प्रतिशत राशि कृषक द्वारा वहन की जाएगी। एक किट के लिए न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर तथा अधिकतम क्षेत्र एक हैक्टेयर रहेगा। किट ग्राम सेवा सहकारी समिति एवं क्रय -विक्रय सहकारी समिति द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह दिए लक्ष्य
कृषि आयुक्तालय की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में 2018-19 के लिए सूक्ष्म पोष तत्व मिनिकिट वितरण के लिए भौतिक लक्ष्य आवंटन एवं वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसमें प्रदेश में सभी वर्गों में कुल 57 हजार हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य रखा गया है, वहीं करौली जिले में यह भौतिक लक्ष्य 2175 हेक्टेयर रखा गया है। करौली जिले में इस भौतिक लक्ष्य के लिए 21 लाख 75 हजार रुपए का वित्तीय लक्ष्य तय किया है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड के जरिए कृषकों को सूक्ष्म पोषक तत्व किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
बीडी शर्मा, उपनिदेशक कृषि (विस्तार) करौली