हिण्डौनसिटी. राजकीय जिला चिकित्सालय के रक्त संग्रहण केंद्र में लाइसेंस के अनुरूप रक्त की आपूर्ति नहीं हो रही है। बीते 3 वर्ष से चिकित्सालय में जयपुर से कंपोनेंट ब्लड की आपूर्ति है। रक्त संग्रहण केंद्र को पूर्ण-रक्त का लाइसेंस है। ऐसे में मदर ब्लड बैंक करौली से समुचित की आपूर्ति नहीं मिलने से जरुरतमंद रोगियों का जीवन बचाने के लिए घटक रक्त (कम्पोनेंट ब्लड) लगाया जा रहा है।
रोगियों को आपात स्थिति में रक्त की जरुरत को देखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2009 मेंं राजकीय चिकित्सालय में रक्त संग्रहण केंद्र खोला था। संग्रहण केन्द्र को सम्पूर्ण रक्त (होल ब्लड) के भण्डारण का लाइसेंस जारी किया गया। साथ ही रक्त की उपलब्धता सुनिश्चिता के लिए करौली चिकित्सालय की ब्लड बैंक से सम्बद्ध किया गया। लेकिन करौली अनियमित और अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति से रक्त संक्रमण केंद्र का संचालन प्रभावित हो गया। ऐसे में जिला प्रशासन के प्रयासों ने रक्त संग्रहण केंद्र को तीन वर्ष पहले जयपुर के राजकीय रुक्मिणी देवी बेणी प्रसाद जयपुरिया अस्पताल की ब्लड बैंक से सम्बद्ध किया गया। जहां से मांग के अनुरूप कम्पोनेंट रक्त की आपूर्ति शुरू हो गई। लेकिन उपजिला चिकित्सालय के जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत होने के बाद भी रक्त संग्रहण केन्द्र को कम्पोनेंट ब्लड के भण्डारण का लाइसेंस नहीं मिल सका है।
तीन वर्ष बाद शुरू की लाइसेंस की कवायद
जयपुरिया ब्लड बैंक से रक्तापूर्ति शुरू होने के तीन वर्ष बाद कम्पोनेंट ब्लड के लाईसेंस की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए मार्च माह में औषध नियंत्रक से रक्त संग्रहण केन्द्र का निरीक्षण कराया गया। चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार कम्पोनेंट ब्लड लाइसेंस की पत्रावली राज्य औषधि नियंत्रक,आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक कार्यालय में लंबित है। हालांकि पूर्ण ब्लड के लिए रक्त संग्रहण केन्द्र को 16 जनवरी 2023 का लाइसेंस दिया हुआ है।
एक वर्ष पहले आया था पूर्ण ब्लड
चिक्त्सिालय सूत्रों के अनुसार रक्त संग्रहण केन्द्र को ब्लड की आपूर्ति के लिए करौली व जयपुरिया अस्पताल की ब्लड बैंक मदर ब्लड बैंक बनाया हुआ है। करौली ब्लड बैंक से गत वर्ष अप्रेल माह में 10 यूनिट पूर्ण ब्लड की आपूर्ति मिली थी। जबकि जयपुरिया अस्पताल से मांग के अनुरूप कम्पोनेंट ब्लड भेजा जा रहा है।
अब करौली से मांगा 65 यूनिट रक्त
रक्त संग्रहण केन्द्र मेंं रक्त का टोटा होने से चिकित्सालय ने करौली ब्लड बैंक को 65 यूनिट रक्त उपलब्ध करने का मांग पत्र भेजा है। इसके तहत ए, बी और ओ ग्रुप की 20-20 यूनिट व एबी ग्रुप का 5 यूनिट रक्त मांगा गया है।
इनका कहना है
जयपुरिया अस्पताल से पैक्ड सैल ब्लड की आपूर्ति होती है। जिसे एनीमिक रोगियों के लगाया जाता है। कम्पोनेंट ब्लड का लाइसेंस आयुक्तालय में प्रक्रियाधीन है। जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। वैसे दोनों ही रक्त समान हैं।
पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, पीएमओ
राजकीय चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी.