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40 राजस्व गांवों से सूरौठ बना गया तहसील

Tehsil became Surath from 40 revenue villages.Promotion received from Uptahseel in seven years-सात वर्ष में उपतहसील से मिली क्रमोन्नति

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सात वर्ष में उपतहसील से मिली क्रमोन्नति

उलटे क्यों चलते हैं राजस्थान के सरकारी अफसर?,उलटे क्यों चलते हैं राजस्थान के सरकारी अफसर?,40 राजस्व गांवों से सूरौठ बना गया तहसील

हिण्डौनसिटी. राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा में दिए तहसील के तोहफे पर गुरुवार को मोहर लगाने से क्षेत्र के राजस्व संबंधी कार्य कस्बे में हल हो सकेंगे। सूरौठ को सात वर्ष में उपतहसील से तहसील के दर्जे में क्रमोन्नति मिली है। नवक्रमोन्नत तहसील में 40 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं।

करौली जिलेे के सीमावर्ती रियासतकालीन कस्बे सूरौठ को दशकों से तहसील बनाने का मांग की जा रही थी। गत कांग्रेस सरकार ने विधायक भरोसीलाल जाटव के प्रयास से वर्ष 2012 में सूरौठ को उपतहसील बनाया था। इसकेे बावजूद लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के निस्तारण के लिए हिण्डौन तहसील कार्यालय के चक्करों से निजात नहीं मिली।

पांच वर्ष के अंतराल पर फिर से विधायक निर्वाचित हुए भरोसीलाल जाटव के प्रयासों राज्य सरकार ने सूरौठ को तहसील का दर्जा दे दिया। गुरुवार शाम सरकार द्वारा मोहन लगाने पर सूरौठ तहसील के रूप में अस्तित्व में आ आई। अब राजस्व संबंधी सभी कार्य सूरौठ में ही हो सकेंगे। करीब 20 हजार की आबादी वाले कस्बे में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से उपतहसील कार्यालय भवन बना हुआ है।

छह वर्ष से नायब तहसीलदार का पद रिक्त-
सात वर्ष पहले सरकार ने भले ही सूरौठ की उपतहसील का दर्ज दे दिया था। लेकिन उपतहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार का पद छह वर्ष से रिक्त है। वर्ष 2012 में रमेश चंद गुप्ता को पदस्थापित किया गया, लेकिन कुछ माह बाद ही स्थानांतरण होने से पद रिक्त हो गया। पर्याप्त स्टाफ नहीं होने से लोगों को उपतहसील होने के बाद भी छोटे-छोटे राजस्व संबंध कार्य के लिए हिण्डौन आना पड़ता है।

सूरौठ में होंगी जमानत व राजस्व न्यायिक कार्य
नव गठित तहसील सूरौठ में कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में तहसीलदार का पदस्थापित होगा। इससे आईपीसी व सीआरपीसी का धाराओं के जुड़े कार्य भी सूरौठ में निस्तारित हो सकेंगे। इससे पुलिस जमानत के लिए 151 में गिरफ्तार किए आरोपियोंं को सूरौठ में ही पेश कर सकेगी। साथ ही राजस्व प्रकरणों की सुनवाई व स्तरीय न्यायिक प्रक्रिया भी स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।


विकास की खुली राह
सूरौठ के तहसील बने से कस्बे के विकास की राह खुली है। सभी प्रकार के राजस्व संबंधी कार्य स्थानीय स्तर पर हो सकेेंगे।
डॉ. घनश्याम शर्मा, सूरौठ

सौगात से बढ़ा सम्मान-
सरकार से तहसील की सौगात मिलने से रियासतकालीन कस्बे सूरौठ का सम्मान मिला है। कांग्रेस सरकार ने पहले उपतहसील का तोहफा दिया था। इस बार भी कांग्रेस सरकार में ही तहसील बनने से जनता की मुराद पूरी हुई।
-प्रमोद तिवाड़ी, प्रवक्ता, देहाल ब्लाक कांग्रेस हिण्डौनसिटी।

राज्य सरकार की घोषणा से सूरौठ के विकास में तेजी आएगी। वहीं भू-रूपांतरण सहित अन्य सरकारी कार्यों के लिए अब कस्बे के लोगों को हिण्डौन तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
-यतेंद्र शर्मा, निवासी सूरौठ


फैक्ट फाइल-
सूरौठ तहसील-
राजस्व गांव- 40
पटवार वृत- 15
भूअभिलेख निरीक्षक -4(ढिंढोरा, सूरौठ, विजयपुरा व शेरपुर)