हिण्डौनसिटी.शहर के राजकीय जिला चिकित्सालय में अब सूरज की रोशनी से रात का अंधेरा मिटेगा। वहीं मुफ्त की बिजली से चिकित्सा मशीनेें व उपकरण भी चलेंगे। इसके लिए चिकित्सालय भवन में सोलर पॉवर सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न केवल चिकित्सालय में बिजली गुल होने की समस्या भी दूर होगी, बल्कि साथ ही विद्युत उपभोग बिल के खर्च में कमी आने से प्रति वर्ष 60 लाख रुपए से अधिक की बचत हो सकेगी। साथ ही जनरेटर के संचालन पर 12 लाख रुपए के डीजल की खपत का खर्च भी बचेगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो नव वर्ष में अस्पताल भवन सूरज के रोशनी से जगमग नजर आए।
जिला चिकित्सालय में ग्रीन एनर्जी उत्पादन से बिजली व्यवस्था के सुद्रढ़ीकरण के लिए लखनऊ की फिनिश सोसायटी की ओर से एसबीआई कार्ड के सीएसआर( कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) सहयोग से170 किलोवाट क्षमता के एक बड़ा सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। सोलर पॉवर सिस्टम को स्थापित करने में 80 लाख रुपए की लागत आएगी। हालांकि चिकित्सालय में सोलर सिस्टम नि:शुल्क लगाया जाएगा। मंगलवार शाम को फिनिश सोसायटी के उदयपुर रीजन के हैड नवलकुमार शर्मा, लखनऊ मुख्यालय की निमिषा सिन्हा करौली परियोजना अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने राजकीय चिकित्सालय पहुंच प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता से पॉवर सिस्टम की स्थापना पर चर्चा कर। और प्रोजेक्ट संबंधी दस्तावेज सौंपे। हालांकि सिस्टम के ऑन ग्रिड होने से अभी विद्युत निगम स्तर भी प्रक्रिया की जाएगी।
निर्बाध मिलेगी बिजली आपूर्ति
आए दिन पॉवर कट से विद्युतापूर्ति बाधित रहने चिकित्सालय में व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं। गर्मियों और बारिश में यह समस्या और बढ़़ जाती है। लोड अधिक होने से जनरेटर भी हांफ जाते हैं। इससे जांच मशीनें ठप हो जाती हैं। बिजली के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट का भी संचालन प्रभावित होता है। साथ ही वार्डों में रोगी और परिजन गर्मी से बेहाल होते हैं। सोलर पॉवर प्लांट लगने से अस्पताल भवन में निर्वाध विद्युतापूर्ति मिल सकेगी।
ऑन ग्रिड होगा सोलर सिस्टम
मोहन नगर स्थित जिला चिकित्सालय भवन में ऑन ग्रिड सोलर पॉवर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। यानी दिन में सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली को उपयोग करने के साथ विद्युत निगम के संबंधित ग्रिड स्टेशन को भेजा जा सकेगा। साथ ही बाद में आपूर्ति भी ली जा सकेगी।
2.80 लाख यूनिट का होगा उत्पादन
फिनिश सोसायटी के करौली जिला परियोजना अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि 170 केवी क्षमता के सोलर सिस्टम से प्रतिवर्ष 2.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। यानी प्रतिमाह करीब 20 हजार यूनिट बिजली बनेंगी। वहीं चिकित्सालय में मासिक बिजली की खपत 30 हजार यूनिट है। ऐसे सोलर सिस्टम से चिकित्सालय के मासिक विद्युत खर्च में 4 से 5 लाख रुपए की बचत हो सकेगी। चिकित्सालय का विद्युत लोड 250 केवी है। ऐसे में स्थापित करने के बाद जरुरत के मुताबिक सोलर सिस्टम की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
इनका कहना है-
फिनिश सोसायटी की ओर से एसबीआई कार्ड के सहयोग से अस्पताल भवन में 170 केवी क्षमता का सोलर पावर सिस्टम लगाया जाएगा। इससे वर्षभर में 60 लाख रुपए से अधिक के विद्युत बिल खर्च की बचज होगी। साथ ही निर्बाध विद्युतापूर्ति मिल सकेगी।
डॉ. पुष्पेंद्र कुमार गुप्ता, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय हिण्डौनसिटी