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राजस्थान बोर्ड परीक्षा में लगी वैद्यजी की ड्यूटी, उपचार-परामर्श के लिए भटक रहे रोगी

      हिण्डौनसिटी. आयुर्वेद औषधालयों में रोगियों की नब्ज टटोले की बजाय वैद्यजी इन दिनों राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में माइक्रो ऑब्जर्बर का कार्य कर रहे हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों के परीक्षा कार्य में लगने से औषधालयों में चिकित्सा सेवाएं गड़बड़ा गई हंै। वहीं रोगियों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। चिकित्सकों के बोर्ड व्यवस्था में लगने जिले में करीब 50 फीसदी आयुर्वेद चिकित्सालयों में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो गई है।

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राजस्थान  बोर्ड परीक्षा में लगी वैद्यजी की ड्यूटी, उपचार-परामर्श के लिए भटक रहे रोगी

राजस्थान बोर्ड परीक्षा में लगी वैद्यजी की ड्यूटी, उपचार-परामर्श के लिए भटक रहे रोगी

हिण्डौनसिटी. आयुर्वेद औषधालयों में रोगियों की नब्ज टटोले की बजाय वैद्यजी इन दिनों राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा में माइक्रो ऑब्जर्बर का कार्य कर रहे हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों के परीक्षा कार्य में लगने से औषधालयों में चिकित्सा सेवाएं गड़बड़ा गई हंै। वहीं रोगियों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। चिकित्सकों के बोर्ड व्यवस्था में लगने जिले में करीब 50 फीसदी आयुर्वेद चिकित्सालयों में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो गई है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से गत सप्ताह शुरू हुई परीक्षाओं के संचालन और पारदर्शिता के लिए शिक्षा विभाग ने आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों को लगाया है। जो माइक्रो ऑब्जर्बर व पेपर कॉर्डिनेटर के तौर पर परीक्षा अवधि में संबंधित परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी देते व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं। करौली जिले में में 80 आयुर्वेद औषधालयों में से करीब 48 आयुर्वेद चिकित्सकों को परीक्षा व्यवस्था में ड्यूटी पर लगाया हुआ है। ऐसे में आउटडोर समय में आयुर्वेद चिकित्सक के दूरस्त परीक्षा केन्द्र पर कार्यरत होने से उपचार के लिए आए रोगियों को निराश लौटना पड़ रहा है। इनमें अधिकांशत: पेंशनर व वयोवृद्ध होने से परेशानी हो रही है। स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय स्थित जिला आयुर्वेद चिकित्सालय के चिकित्सक उमेश चंद्र की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से अर्श-भगंदर के शल्य शिविर के रोगियों को फॉलोअप उपचार के साथ जरा रोग व आंचल प्रसूता का कार्य प्रभावित हो गया है।

कम्पाउंडर के भरोसे औषधालय
आयुर्वेद विभाग के सूत्रों अनुसार जिले में औषधालय एकल चिकित्सक के हैं। चिकित्सक के बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगने से औषधालय कम्पाउण्डर के भरोसे रह गए हैं। हिण्डौन व श्रीमहावीरजी ब्लॉक आयुर्वेद चिकित्सालय से दोनों चिकित्सक परीक्षा ड्यूटी पर होने से रोगियों को आउटडोर परामर्श नहीं मिल रहा है। इनमें आयुष हेल्थ वेलनैस सेंटर भी शामिल हैं।

चिकित्सक कर रहे यह कार्य
बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे एक आयुर्वेद चिकित्सक ने बताया कि माइक्रो ऑब्जर्बर के तौर पर उन्हें परीक्षा से पूर्व टीम के साथ संबंधित थाने में पेपर लेने जाना पड़ता है। वहींं परीक्षा अवधि में केन्द्र पर सूक्ष्म निरीक्षण कार्य करना पड़ता है। बाद मेंं करौली में संकलन केन्द्र पर कॉपी जमा कराने की भी जिम्मेदारी है।


परीक्षा में वेटनरी डॉक्टर, अस्पताल पर ताला
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक कार्यालय के अनुसार जिले में 58 पशुधन चिकित्सालयों में से 35 चिकित्सालय में में पशुधन चिकित्सक हैं। इनमें से 50 फीसदी परीक्षा ड्यूटी लगा दिया है। हिण्डौन पॉली क्लीनिक से दो चिकित्सक लगने से उपनिदेशक पशुओं का उपचार कर रहे हैं। वहीं ताली व करणपुर पुशधन चिकित्सालय में चिकित्सक की परीक्षा ड्यूटी से पशुपालकों समुचित सेवाएं नहीं मिल रही हैं।


इनका कहना है
आयुर्वेद चिकित्सकों के बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से चिकित्सा सेवाएं गड़बड़ा रहा है। आयुष हेल्थ वेलनैस सेंटर की गतिविधियां ठप हो गई हैं। जिला चिकित्सालय में शल्य ऑपरेशन का फॉलो अप कैम्प का रोगी परामर्श कार्य प्रभावित हो रहा है।

डॉ. मूलचंद मीणा, उपनिदेशक,
आयुर्वेद विभाग करौली


बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए दूसरे विभगों से अधिकारी लगाए हुए हैं। जिनसे परीक्षा अवधि में कार्य लिया जाता है। इनमें आयुर्वेद के 34, पशुधन विभाग के 15 व सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक अधिकारी हैं।
पुष्पेंद्र कुमार शर्मा, सीडीईओ
शिक्षा विभाग करौली