
करौली/टोडाभीम. मेहंदीपुर बालाजी मार्ग स्थित घाटी में चल रहे चौड़ाईकरण एवं सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य के दौरान शनिवार को एक बार फिर सुरक्षा दीवार भरभराकर ढह गई। इस दौरान सुरक्षा दीवार के पास कार्य कर रहे लगभग एक दर्जन मजदूर और घाटी की तलहटी में से वाल के पुरा को जाने वाले रास्ते में निकलने वाले राहगीर भी बाल-बाल बच गए। जिससे बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षा दीवार के तीसरी बार गिरने से इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
लोगों का आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के चलते घाटी ही नवनिर्मित सुरक्षा दीवार गिरी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक से दीवार गिरने लगी तो सरियों के टूटने की आवाज आई। जिसको सुनकर मौके पर काम कर रहे मजदूर दीवार से दूर भाग गए। जिससे हादसा टल गया। इस दौरान करीब 50 फीट लंबाई एवं 25 फीट ऊंचाई की दीवार ढह गई।
ग्रामीणों ने किया था विरोध, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई : ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी घाटी की सुरक्षा दीवार के गिरने पर ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने बताया कि घाटी में चल रहे चौड़ाईकरण, गहराईकरण एवं सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं उपखंड प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससेे ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में मनमानी बरती जा रही है। घाटी को गहरी करने के बजाय दो-तीन फीट ऊंचा कर दिया है। जिससे वाहनों को घाटी चढ़ने में परेशानी होती है।
घाटी की सुरक्षा दीवार के निर्माण में मापदण्डों की अनदेखी की जा रही है। इसके चलते बार-बार दीवार गिरने की घटना हो रही। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कराने के साथ वर्तमान ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है।
टोडाभीम गोपालपुरा रोड से मेहंदीपुर बालाजी बाईपास पर दांतली तक का 15 करोड़ रुपए का टेण्डर है, जिसमें टोडाभीम बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण की राशि भी शामिल है। 15 करोड में से लगभग 5 करोड रुपए भूमि अधिग्रहण के लिए हैं। शेष राशि में सड़क निर्माण एवं घाटी का कार्य शामिल है। घाटी के चौड़ाईकरण का कार्य 29 जनवरी से शुरू हुआ था। शनिवार को करीब 50 फीट लंबाई एवं 25 फीट ऊंचाई की दीवार गिरी है।
नरेश कुमार मीना, सहायक अभियंता, सानिवि, टोडाभीम
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आठ माह में भी नहीं हुआ कार्य पूरा
घाटी के कार्य में विभागीय अधिकारियों एवं संवेदक की उदासीनता के चलते आठ माह में भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जिससे वाहन चालकों को मेहंदीपुर बालाजी एवं नेशनल हाईवे पर जाने के लिए 5 से 7 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
Published on:
10 Sept 2023 12:22 pm
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