करौली. जिले के आंगनबाडी केन्द्रों पर ( Women and Child Development Department of Karauli)स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए नियुक्त शिक्षकों के नदारद रहने व अध्ययन में लापरवाही का मामला उजागर होने के बाद विभाग में हडकम्प मच गया। विभाग की उपनिदेशक ने इस मामले की जांच समिति से कराने के आदेश देकर मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने सीडीपीओ को नोटिस जारी जवाब मांगना शुरू किया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका के 22 नवम्बर के अंक में आंगनबाड़ी के आंगन में खेल की शिक्षा से खेल शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। जिसमें स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए नियुक्त शिक्षकों के आंगनबाड़ी केन्द्रों से नदारद होने व शिक्षण ठप होने का मामला उजागर किया था। सुबह राजस्थान पत्रिका में समाचार पढ़ते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक शांति वर्मा ने सहायक प्रशासनिक अधिकारी से इस मामले की रिपोर्ट मांगी। इसके तुरंत बाद ही अधिकारियों की समिति से इस मामले की जांच कराने के आदेश जारी किए। जिससे दिन भर कार्यालय में शिक्षकों के नदारद रहने का राजस्थान ुपत्रिका में प्रकाशित समाचार छाया रहा। उपनिदेशक ने बताया कि करौली, सपोटरा, टोडाभीम, नादौती, मण्डरायल व हिण्डौन सिटी ब्लाक के महिला एवं बाल विकास अधिकारियों को नोटिस जारी करना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि निश्चित समय में इस मामले की जांच कर लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन का वेतन भी कांटेंगे
सहायक प्रशासनिक अधिकारी सूर्यकांत नीमरोठ ने बताया कि ४१ शिक्षकों के आगंनबाड़ी केन्दों से गायब रहने की शिकायत मिल रही थी। राजस्थान पत्रिका के निरीक्षण में भी शिक्षक गायब मिले हैं। इस कारण जांच कर शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच में शिक्षकों के केन्द्र पर नहीं आने की शिकायत सही साबित होने पर उन्हें आरोप पत्र दिए जाएंगे तथा रिपोर्ट मुख्यालय जयपुर भेजी जाएगी।