हिण्डौनसिटी.
हिण्डौन के जिला चिकित्सालय में खींचे रोगी के एक्स-रे की जयपुर में बैठे रेडियोलोजिस्ट चिकित्सक जांच रिपोर्ट जारी करेंगे। साथ ही चिकित्सक भी रोगियों को एक्स-रे को हाथ से उठा सरसरी निगाह से देखने की बजाय विश्सनीय जांच की रिपोर्ट के आधार पर परामर्श दें सकेंगे। ताकि रोगियों को निद्रिष्ट बीमारी का उपचार मिल सके। इसके लिए राज्य सरकार ने चिकित्सालय में टेलीरोडियोलॉजी की सेवा शुरू की है। जिसके तहत एक्स-रे के जयपुर से ऑनलाइन के जांच रिपोर्ट आएगी।
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार राज्य के अनेक चिकित्सालयों में रेडियोलोजिस्ट चिकित्सक नहीं होने से रोगियों के बिना रिपोर्ट के ही एक्स-रे दिए जा रह थे। एक्स-रे जांच के साथ विशेषज्ञ की रिपोर्ट के अभाव में चिकित्सक एक्स-रे फिल्म को देख का रोगियों का उपचार कर रहे हैं।
चिकित्सकों को एक्स-रे जांच की विश्वसनीय रिपोर्ट उपलब्ध करा रोगियों को सटीक उपचार मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने टेलीरेडियोलोजी शुरू की थी। इसमें हिण्डौनसिटी सहित प्रदेश के 53 जिला,उपजिला एवं सेटेलाइट चिकित्सालयों कों मरीजों के एक्स-रे जांचों की टेलीरेडियोलोजी के माध्यम से रिपोर्टिंग करने के लिए शामिल किया गया।
इसके लिए सरकार ने जयपुर के एक फर्म को एक्स-रे रिपोर्टिंग कार्य के लिए अधिकृत किया हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रति एक्स-रे की रिपोर्टिंग पर 14 रुपए अधिकृत फर्म को दिए जा रहे हैं। गत दिवस हिण्डौन चिकित्सालय में रोगियों को टेलीरेडियोलोजी से एक्स-रे की ऑनलाइन रिपोर्टिंग मिलना शुरू हो गया।
प्रतिदिन होते हैं 175 से अधिक एक्स-रे
चिकित्सालय में नि:शुल्क जांच योजना में सामान्य एवं डिजीटल एक्स-रे किए जाते हैं। चिकित्सकों के परामर्श पर प्रतिदिन 150-175 रोगियों के एक्स-रे जांच होती है। इनमें से डिजीटल एक्स-रे की टेलीरेडियोलोजी के माध्यम से रिपोर्टिंग करवाई जा रही है। डिजीटल एक्स-रे को साफ्टवेयर को रिपोर्टिंग एजेंसी के पास भेजा जा रहा हे।
6 घंटे में आती एक्स-रे की रिपोर्ट
टेली रेडियोलोजी से एक्स-रे जांच की रिपोर्ट के लिए रोगियों को 6 घंटे से लेकर दूसरे दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। रेडियोलोजी विभाग के अधीक्षक हंसराम मीणा ने बताया कि सुबह 8 से दोपहर एक बजे तक रोगियों के एक्स-रे खींच जाते हैं। जिन्हें ऑन लाइन रिपोर्टिंग के लिए जयपुर भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने में 6 घंटे का समय लगता है। हालांकि चिकित्सालय में दोपहर एक बजे बाद से ही रिपोर्ट जारी करना शुरू हो शुरू हो जाता है। ऐसे में रोगियों को रिपोर्ट व चिकित्सक परामर्श के लिए दूसरे दिन चिकित्सालय में आना पड़ता है।