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(चंडीगढ़): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पंजाब के मुख्यमंत्री के पत्र के जवाब में कहा है कि ड्रग संकट से निपटने के लिए पंजाब,हरियाणा और राजस्थान के बीच नियमित रूप से सीमावर्ती जिला बैठकें आयोजित की जाएं। खट्टर ने मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह को भरोसा भी दिलाया है कि जब कभी पंजाब की ओर से ड्र्रग तस्करी के बारे में सटीक व प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तब सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा। तमाम मुद्दों पर हरियाणा और पंजाब के बीच मतभेद और विवाद बने हुए हैं लेकिन एक ड्रग के मुद्दे पर साझा रणनीति के तहत काम करने के लिए दोनों राज्यों के बीच सहमति बनती दिखाई दी है। दरअसल ड्रग संकट तीन नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश समेत चार पडौसी राज्यों का साझा संकट है। ड्रग तस्कर चारों पडौसी राज्यों को प्रभावित कर रहे हैं और उनके कार्यक्षेत्र में शामिल हैं।
खट्टर ने कैप्टेन अमरिंदर सिंह को भेजे पत्र में कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशे की लत की बुराई से समाज को मुक्त कराने और इसके लिए किसी भी प्रयास को मजबूत समर्थन देने के लिए राज्य सरकार तैयार है। उन्होंने कहा कि ड्रग की बुराई को रोकने के लिए सभी राज्यों द्वारा मिलकर कार्य करने की जरूरत है। हरियाणा सरकार साझा काम करने को तैयार है। पत्र में उन्होंने कहा कि हरियाणा ड्रग उत्पादक राज्य नहीं हैै। हरियाणा पुलिस ने न केवल तस्करी की दवाओं की बिक्री में शामिल लोगों को पकडने के लिए कड़े कदम उठाए हैं बल्कि उनकी तह तक पहुंचने और परिवहन मार्गों का भी पता लगाने का काम किया है।ड्ग तस्करी रोकने के लिए जनवरी, 2018 में विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) स्थापित किया गया। यह एसटीएफ पंजाब समेत पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।
पंजाब पुलिस द्वारा खुफिया सूचना सांझा करने में और सुधार लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच सूचना सांझा करने और योजना विकसित करने के लिए नियमित सीमा जिला बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा,‘‘जब भी पंजाब पुलिस द्वारा कोई सटीक और प्रामाणिक जानकारी सांझा की जाएगी तो मैं सख्त और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देता हूं’’।
मनोहर लाल ने कैप्टेन अमरिंदर सिंह को कहा कि ‘‘चूंकि आप पंजाब से सभी ड्रग तस्करों और विक्रेताओं को निर्वासित करने का दावा करते हैं, तो आपको रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी के लिए कुछ कार्यक्रम शुरू करने पर विचार करना चाहिए’’। उन्होंने कहा कि विभिन्न खेलों, एथलेटिक्स और अन्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में अपने देश का नाम रोशन करने और पुरस्कार व पदक जीतने में हरियाणा के युवाओं की अग्रणी भूमिका से सभी परिचित हैं।
Published on:
07 Aug 2018 02:15 pm
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