
पुलवामा हमले के बाद निभाई थी सुरक्षा की जिम्मेदारी, बड़ी संख्या में होमगार्डों की सेवा पर लटकी तलवार
(चंडीगढ़): हरियाणा पुलिस ने पांच सौ होमगार्ड कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। नौकरी से निकाले गए होमगार्ड कर्मी किसी तरह का हंगामा न खड़ा करें इसलिए सरकार ने सफाई दी है कि प्रदेश में होमगार्ड कर्मियों की सेवाएं जरूरत के अनुसार ली जाती हैं। भविष्य में भी होमगार्ड कर्मियों को जरूरत के अनुसार तैनात किया जाएगा।
आंतकवादियों द्धारा पुलवामा में भारतीय जवानों पर हमला करने के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सिरसा, अंबाला, हिसार तथा फतेहाबाद के लिए 2 मार्च से 30 अप्रैल तक 1275 तथा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर रोहतक, करनाल, सोनीपत, मेवात, पंचकूला तथा जींद के लिए 500 होमगार्ड जवानों को अनुबंध आधार पर बुलाया गया था तथा उनकी अनुबंध अवधि समाप्त होने पर कानून व्यवस्था तथा सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए दोबारा 31 अप्रैल से 30 नवंबर तक उनकी अनुबंध अवधि बढ़ा दी गई थी। वर्तमान में पुलिस के आला अधिकारियों का मानना है कि होमगार्ड कर्मियों की सेवाओं की जरूरत नहीं है। जिसके चलते रविवार से उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया।
होमगार्ड कर्मियों की सेवाओं को समाप्त करने के बाद पैदा हुए विवाद से पल्ला झाड़ते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस द्धारा हरियाणा प्रदेश के सभी जिलों में चुनाव, ट्रैफिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार सीमित समय के लिए होमगार्ड जवानों को बुलाया जाता है। आवश्यकता पडऩे पर इनको दोबारा कानून व्यवस्था आदि बनाए रखने के लिए दोबारा अनुबंध आधार पर समय अवधि के साथ बुलाया जा सकता है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में कानून व्यवस्था के लिए 4800, ट्रैफिक व्यवस्था के लिये 2100 होमगार्ड जवानों की तैनाती जारी रहेगी।
Published on:
01 Dec 2019 07:33 pm
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