कासगंज

11 साल की बच्चियों को ‘बालिका वधू’ बना रहा था परिवार, लड़कियों के प्लान से रुकी शादी..

एक तरफ जहां केंद्र सरकार ने लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ाकर अब 21 वर्ष कर दी है। लेकिन ग्रामीण परिवेश में आज भी 11 और 16 वर्ष की लड़कियों की शादी के मामले सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

2 min read
Apr 25, 2022
Kasganj Minor Girl Marriage

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में चाइल्डलाइन के लोगों द्वारा 11 वर्ष व 16 वर्ष की दो मासूम बच्चियों को उनकी उम्र से पहले ही शादी के बंधन में बंधने से बचा लिया गया है। शादी के मंडप में हो रही दो नाबालिग बच्चियों की शादी की सूचना पर मौके पर पहुंची चाइल्डलाइन की टीम ने नाबालिग बच्चियों की शादी को रुकवा कर उन्हें पुरुष प्रधान देश में एक बार फिर बालिका वधू बनने से रोका गया है। कासगंज जिले के कोतवाली सदर और सहावर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बच्चियों के विवाह की सूचना मिलने पर समाजसेवी संस्था चाइल्डलाइन ने इन दोनों नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवा दी है।

चाइल्ड लाइन को मिला था एक कॉल

चाइल्ड लाइन के संचालक हरिओम वर्मा ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र के रहमतपुर माफी गांव से 1098 पर एक कॉल आया कि यहां पर एक 11 वर्षीय बच्ची की शादी घरवाले कर रहे हैं तो चाइल्डलाइन की टीम रहमतपुर माफी पहुंची और वहां पहुंच कर ग्राम प्रधान से बात की और ग्राम प्रधान से बात करने के बाद परिजनों से बात की गई ग्राम प्रधान ने नाबालिग लड़की की शादी गांव में करने से साफ इनकार किया तो , परिजन भी समझाने के बाद मान गए और शादी रुक गई। ऐसा ही वाकया सहावर थाना क्षेत्र के खितौली गांव में हुआ जब चाइल्ड लाइन को सूचना मिली कि खतौली में 16 वर्षीय लड़की की शादी की जा रही है जब चाइल्ड लाइन की टीम वहां पहुंची तो उन्होंने लड़की के परिजनों और खुद लड़की से बात की तो लड़की ने बताया कि 2 वर्ष से वह स्कूल नहीं गई है।

स्कूल जाना भी कराया बंद

वह पहले पास के स्कूल में पढ़ती थी लेकिन अब उसका स्कूल जाना बंद है तो घर वालों ने उसकी शादी करने का मन बना लिया लेकिन चाइल्डलाइन ने लड़की के जब दस्तावेज देखे तो वह 16 वर्ष की थी दस्तावेजों के आधार पर लड़की की शादी इस उम्र में करना कानूनन अपराध है लिहाजा लड़की और लड़की के परिजनों से इस मामले में बात कर चाइल्डलाइन ने सहावर पुलिस की मदद से इस नाबालिग लड़की की भी शादी रुकवा दी। चाइल्ड लाइन के डायरेक्टर हरिओम वर्मा बताते हैं कि इन दोनों लड़कियों के परिजनों को इन्हें अच्छी शिक्षा दिलाने की सलाह दी गई है और इन लड़कियों की शिक्षा को सुचारू रखने के लिए चाइल्ड लाइन भी मदद करने के लिए आगे आई है ।

Updated on:
25 Apr 2022 11:16 am
Published on:
25 Apr 2022 11:11 am
Also Read
View All

अगली खबर