
कासगंज। जिले के एक गांव में रविवार की दोपहर कूड़े से उठी चिंगारी आग का शोला बन गई। देखते ही देखते आग ने चार घरों को अपनी चपेट में ले लिया। हैरानी की बात यह कि सूचना के दो घंटे बाद दकमल की गाड़ी से पहुंची। उससे पहले ही ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे। जिससे ग्रामीणों और दकमल कर्मियों के बीच नोंकझोंक भी हुई। पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे अतिरिक्त एसडीएम और सीओ सिटी ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
चिंगारी ने गांव में मचाया तांडव
बरीखेड़ा गांव के बाहर पड़े कूड़े से उठी चिंगारी ने तांडव मचा दिया। देखते ही देखते आग ने पातीराम, ठाकुरदास, मनोज, क्षेत्रपाल के घर को अपनी चपेट में ले लिया और घर का सामना जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने एकजुट होकर डीजल पंप सेट चलाकर आग पर काबू पा लिया, अन्यथा गांव में बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि आग लगने की सूचना तत्काल दकमल कर्मियों और यूपी 100 को दी, लेकिन न तो दमकल की गाड़ी पहुंची और न ही कोई पुलिस कर्मी। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। दो घंटे बाद पुलिस के साथ पहुंची दकमल की गाड़ी को ग्रामीणों ने गांव में अंदर नहीं जाने दिया। जिससे दकमल कर्मियों और पुलिस कर्मियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
सीओ सिटी ने ग्रामीणों को कराया शांत
मौके पर पहुंचे अतिरिक्त एसडीएम, सीओ सिटी अजय कुमार सिंह ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की टीम को आग से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व कर्मी नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिसके आधार पर पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। वहीं दमकल कर्मियों के देरी से आने पर उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन गांव में पहुंच गया था।
Published on:
22 Apr 2018 07:14 pm

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