
कासगंज। 25 सितम्बर को अतिथि निवास एटा में हुई घटना के पीड़ित जलील खां का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसे जांच में बिल्कुल फर्जी पाया गया है। इस मामले में सोशल मीडिया के माध्यम से पति-पत्नी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। इससे पता चलता है कि सोशल मीडिया कितना खतरनाक है और किसी को भी बदनाम कर सकता है। यहां पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट-
25 सितम्बर की घटना
गंजडुंडवारा थाना कस्बा क्षेत्र के रहने वाले जलील खां ब्लाक गंजडुंडवारा के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। वे 25 सितम्बर, 2018 को अपनी पत्नी को दवा दिलाने के लिए ले गए थे। जहां चिकित्सक के न मिलने पर अतिथि निवास, एटा में विश्राम करने के लिए पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को प्रेमी युगल के रंगरेलिया मनाने की सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस दम्पति को थाने ले गई। आधार कार्ड देखकर दोनों को पुलिस ने जाने दिया। रस्सी का सांप बनाने वाली सोशल मीडिया ने यह वीडियो पूर्व में हुई घटना से जोड़कर वायरल कर दिया।
सोशल मीडिया पर प्रेमी युगल होने का वीडियो वायरल किया
आपको बता दें कि स्थानीय लोगों ने 13 सितबंर, 2018 को पुलिस के साथ अतिथि निवास के कमरों का गेट तोड़कर रंगरेलियां मनाते प्रेमी जोड़ों को पकड़ा था। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वालों ने गलत तरीके से जलील खां और उनकी पत्नी को प्रेमी युगल दर्शा दिया। पुलिस जांच में ये दोनों पति पत्नी निकले।
पुलिस की जांच में फर्जी पाया
उत्तर प्रदेश पुलिस के उपनिरीक्षक जयवीर सिंह ने बताया कि मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। अतिथि निवास पर 25 सितंबर को ऐसी कोई वारदात नहीं हुई जैसा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में दर्शाया जा रहा है। यह सीन 13 सितंबर को अतिथि निवास पर हुई एक अन्य घटना का है। अतिथि निवास के कार्यालय सहायक विजय कुमार ने भी कहा कि के पति पत्नी को बदनाम किया गया है।
Published on:
06 Oct 2018 10:45 am

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