24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस जिले में तालाब रोकेंगे मजदूरों का पलायन, बढ़ाएंगे वॉटर लेवल, शुरू हो रही खास पहल

बेरोजगारी ने जिले में भी भयावह रूप ले लिया है। युवाओं से लेकर अधेड़ों तक को काम के लाले हैं। इसकी मुख्य वजह है रोजगार न मिला व मशीनरी। हालात इस कदर आ बने हैं कि गांवों में अब मजदूर मिलना भी मुश्किल हो रहा है। पालायन लगातार बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने एक और नवाचार शुरू किया है

2 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Dec 03, 2019

Dharam Sagar deepening of ponds

Dharam Sagar deepening of ponds

कटनी. बेरोजगारी ने जिले में भी भयावह रूप ले लिया है। युवाओं से लेकर अधेड़ों तक को काम के लाले हैं। इसकी मुख्य वजह है रोजगार न मिला व मशीनरी। हालात इस कदर आ बने हैं कि गांवों में अब मजदूर मिलना भी मुश्किल हो रहा है। पालायन लगातार बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने एक और नवाचार शुरू किया है, जिसपर मुहर भी लग गई है। जिले की 407 ग्राम पंचायतों में बड़े तालाब बनवाने का निर्णय लिया है। तालाबों का मॉडल तैयार कर उनके निर्माण का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा है। हाल में प्रभारी मंत्री ने कटनी दौरे के दौरान 30 तालाबों के निर्माण पर मुहर लगा दी है। शिलान्याय भी हो गया है। इन तालाबों के निर्माण की योजना ग्रामीणों के पलायन को रोकने, जिले में पेयजल की भयावहता को देखते हुए बनाई गई है। गांव में ही लोगों को काम मिले इस पर फोकस रहेगा। सबसे सूखे माने जाने वाले बहोरीबंद व रीठी क्षेत्र को शामिल किया गया है।

बढ़ी तारीख में आज से होनी है धान खरीदी, कमीशन को लेकर असमंजस, भुगतान रुका होने से समितियों ने खरीदी से किया था मना

इन गांवों में बनेंगे तालाब
जपद पंचायत क्षेत्र के ददरगुडार हार विलायतकला, लुहरवारा, बिजौरी, गुड़ा, बड़ागांव, अमगांव, सेझा, नहर के पास, मामंजीबहरा, नन्हवारा, बरगवां भटिया, मेड़ा भादाव, भमरहा में तालाब का निर्माण होगा। इसके अलावा पटबाबा, बायपास बड़वारा, सल्हना लालपुर, आवास मोहल्ला, सिकंदर, भटिया कोल्हा हार झरेला, पथवारी, छपरहा, अमराडाड़, मझगवां, मझगवां, बनहरी, बहरा, डुगरही, पिपरियाकला, सुड्डी में निर्माण होगा। 374.44 करोड़ की लागत से तालाबों का निर्माण कराया जाएगा।

खास-खास:
- तालाबों का निर्माण मनरेगा मद से कराया जाएगा।
- मार्च 2020 तक की तय की गई है समय-सीमा।
- 2 मीटर से ज्यादा रहेगी तालाबों की गहराई।
- तालाब की मेड़ मजबूत बनाने दिए गए हैं निर्देश।
- काम में मशीनरी का उपयोग किया गया है प्रतिबंधित।
- 60 प्रतिशत लेवर व 40 प्रतिशत लगेगा मटेरियल।

बाल टॉयलेट ऐसे कि बच्चों को दे रहे स्वच्छता की शिक्षा, महिला बाल विकास व जिला पंचायत की पहल ला रही रंग

तालाबों में होगा मछली पालन
जल संरक्षण, रोजगार के साथ ही इसमें लोगों को रोजगार से जोडऩे का भी काम किया जाएगा। बारिश काल में जैसे ही तालाबों में पानी पर्याप्त मात्रा में आ जाएगा, इनमें मछली पालन के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला मत्स्य विभाग के माध्यम से मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इनका कहना है
जिले की 407 ग्राम पंचायतों में तालाब निर्माण के लिए योजना बनाई गई है। 30 की स्वीकृति मिल गई है। जल संरक्षण, वॉटर लेवल बढ़ाने, पलायन रोकने प्रयास किया जा रहा है।
जगदीशचंद्र गोमे, जिला पंचायत सीइओ।